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दो मिनट में सरकारी अस्पतालों की दो तस्वीरें: कहीं अकाउंटेंट रूम में ताला, कहीं दवा के लिए भटकते रहे मरीज

 

रूपौली/बालमुकुन्द यादव 

पूर्णियां : रूपौली स्वास्थ्य व्यवस्था की जमीनी हकीकत गुरुवार को रूपौली रेफरल अस्पताल से लेकर नवटोलिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक देखने को मिली। महज दो मिनट के अंतराल में दो स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली तस्वीर सामने आई। करीब 10:51 बजे रूपौली रेफरल अस्पताल के अकाउंटेंट कक्ष में ताला लटका मिला, जबकि करीब 10:53 बजे नवटोलिया पीएचसी के दवा वितरण काउंटर पर कोई कर्मी मौजूद नहीं था। दवा लेने पहुंचे मरीज इंतजार करते और इधर-उधर भटकते नजर आए।

जानकारी के अनुसार, गुरुवार को दैनिक भास्कर के पत्रकार करीब 10:51 बजे रूपौली रेफरल अस्पताल पहुंचे। अस्पताल के अकाउंटेंट कक्ष में ताला लटका मिला। स्थानीय स्तर पर बताया गया कि अकाउंटेंट कक्ष में अक्सर ताला लगे रहने की स्थिति सामने आती है। ऐसे में अस्पताल में मौजूद कर्मियों और कामकाज की व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

इसके महज दो मिनट बाद करीब 10:53 बजे नवटोलिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी दवा वितरण व्यवस्था की स्थिति सामने आई। मरीजों को दवा देने वाले काउंटर पर उस समय कोई कर्मी मौजूद नहीं था। दवा लेने पहुंचे मरीज काफी देर तक इंतजार करते रहे और काउंटर के आसपास भटकते नजर आए।

इसी दौरान एक कर्मी कुर्सी पर बैठकर मोबाइल चलाते हुए दिखाई दिया। मरीजों की परेशानी और दवा वितरण व्यवस्था को लेकर जब उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इलाज और दवा की उम्मीद लेकर पीएचसी पहुंचे मरीजों को इंतजार करना पड़ा।

मामले को लेकर रेफरल अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नीरज कुमार से बात की गई। उन्होंने बताया कि गुरुवार को डॉक्टर हड़ताल पर हैं। हालांकि, अकाउंटेंट कक्ष में ताला लगे होने और नवटोलिया पीएचसी में दवा वितरण काउंटर पर कर्मी के मौजूद नहीं रहने को लेकर उन्होंने विस्तृत जानकारी नहीं दी।

महज दो मिनट के अंतराल में सामने आई इन दोनों तस्वीरों ने ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीजों का सवाल है कि जब सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में इलाज और दवा के लिए पहुंचने के बाद भी उन्हें इंतजार करना पड़े, तो आखिर उनकी परेशानी कौन सुनेगा?

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