भागलपुर/सिटी हलचल न्यूज़
करमा-धर्मा पर्व की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब भागलपुर जिले के अजगैवीनाथ धाम प्रखंड क्षेत्र के नारायणपुर बहियार में मंगलवार की सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। जलमग्न बाढ़ के पीनी में स्नान करने गए छह बच्चों की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। एक साथ छह बच्चों की मौत की खबर मिलते ही बिष्णु टोला समेत आसपास के इलाके में चीख-पुकार मच गई।हादसे की खबर जैसे ही गांव में पहुंची, परिजन घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। देखते ही देखते पूरे इलाके में मातम पसर गया। जिन घरों में पर्व को लेकर उत्साह था, वहां अब अपनों को खोने का गम है।
एक बच्चे को बचाने में एक-एक कर डूबे छह बच्चे
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, करमा-धर्मा पर्व को लेकर बच्चे मंगलवार सुबह पूजा की तैयारी और स्नान के लिए नारायणपुर बहियार की ओर गए थे। हालिया बारिश और गंगा के बढ़े जलस्तर के कारण बहियार के खेतों में काफी पानी जमा था। बताया जा रहा है कि कई स्थानों पर पानी काफी गहरा था।नहाने के दौरान अचानक एक बच्चे का पैर गहरे पानी में चला गया और वह डूबने लगा। उसे डूबता देख साथ मौजूद दूसरे बच्चों ने बचाने की कोशिश की। इसी दौरान गहराई और पानी के नीचे मौजूद दलदल का अंदाजा नहीं लग पाने के कारण एक-दूसरे को बचाने की कोशिश में बच्चे लगातार गहरे पानी में समाते चले गए।हादसे के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से बच्चों को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक छह बच्चों की मौत हो चुकी थी।
मृतकों में 12 से 14 साल के बच्चे
हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों की पहचान नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 27 के बिष्णु टोला निवासी पूरन मंडल की पुत्री पूजा कुमारी (13), राहुल कुमार (14), रंजन कुमार के पुत्र विकास कुमार (13), विनोद मंडल के पुत्र आयुष कुमार (12), वाल्मीकि मंडल की पुत्री मीनाक्षी कुमारी उर्फ मिनकी (12) तथा रंचडीदीपुर निवासी धनंजय मंडल की पुत्री ज्योति कुमारी (14) के रूप में हुई है।
छह बच्चों की मौत से उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
एक साथ छह घरों में पसरा मातम
करमा-धर्मा पर्व के मौके पर बच्चों के घरों में जहां सुबह से उत्साह का माहौल था, वहीं कुछ ही देर बाद वहां चीख-पुकार मच गई। छह बच्चों की एक साथ मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है।स्थानीय लोगों का कहना है कि बहियार में बाढ़ और बारिश के कारण पानी की स्थिति खतरनाक बनी हुई थी। ऐसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था और लोगों को जागरूक करने की जरूरत है, ताकि इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
प्रशासन ने 4-4 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की
दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन की ओर से मृतकों के आश्रितों को सरकारी प्रावधान के तहत प्रति मृतक चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की गई है।घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जलमग्न और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने तथा ग्रामीणों और बच्चों को गहरे पानी वाले क्षेत्रों से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है।करमा-धर्मा पर्व के दिन हुआ यह हादसा पूरे इलाके के लिए ऐसी त्रासदी बन गया, जिसे लंबे समय तक भुला पाना मुश्किल होगा।

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