पूर्णिया में बहुचर्चित सूरज बिहारी हत्याकांड की गूंज एक बार फिर तेज हो गई है। नेवालाल चौक के समीप हुए शुभम कुशवाहा गोलीकांड की जांच में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए दावा किया है कि यह हमला सूरज बिहारी हत्याकांड का बदला लेने की साजिश का हिस्सा था। पुलिस के अनुसार, 'खून का बदला खून' की सोच के तहत शुभम कुशवाहा की हत्या के लिए 6 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। इस पूरे षड्यंत्र का मास्टरमाइंड सूरज बिहारी का भाई उदय बिहारी है, जबकि शूटर उपलब्ध कराने वाला अयान खान भी फरार है। दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
इस मामले का खुलासा करते हुए पूर्णिया के एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन, डिजिटल ट्रांजैक्शन और मानवीय सूचना के आधार पर पुलिस ने इस साजिश का पर्दाफाश किया है। जांच में सामने आया कि उदय बिहारी को शक था कि शुभम कुशवाहा, ब्रजेश सिंह गिरोह से जुड़ा है और उसके भाई सूरज बिहारी की हत्या में उसकी भी भूमिका थी। इसी शक के आधार पर उसने शुभम को रास्ते से हटाने का फैसला लिया और हत्या के लिए शूटरों को छह लाख रुपये की सुपारी दी।
चार शूटर गिरफ्तार, गुवाहाटी और मधेपुरा से हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने इस मामले में चार शूटरों को गिरफ्तार किया है। इनमें कुछ आरोपियों को असम के गुवाहाटी और कुछ को बिहार के मधेपुरा से पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक देशी कट्टा, चार जिंदा कारतूस और पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है—
देवा यादव उर्फ देवाशीष कुमार, पिता- गुड्डू यादव, निवासी- करसहना, थाना बिहारीगंज, जिला मधेपुरा।
राजदीप कुमार, पिता- कुलदीप मेहता, निवासी- सुंगेला वार्ड संख्या-09, थाना भरगामा, जिला अररिया।
श्याम कुमार यादव उर्फ श्याम बिहारी, पिता- बालकृष्ण यादव, निवासी- कांप बलिया वार्ड संख्या-4, थाना मोहनपुर, जिला पूर्णिया।
गौरव कुमार, पिता- जय यादव, निवासी- शिरसिया, थाना रघुवंशनगर, जिला पूर्णिया।
मार्च में हुई सूरज बिहारी की हत्या से जुड़ा है पूरा मामला
पुलिस के अनुसार, इस साजिश की जड़ें मार्च महीने में हुए सूरज बिहारी हत्याकांड से जुड़ी हैं। बताया गया कि नेवालाल चौक पर किसी विवाद के दौरान सूरज बिहारी अपने भाई उदय बिहारी का पक्ष लेने पहुंचे थे। इसी दौरान कथित तौर पर ब्रजेश सिंह और उसके सहयोगियों ने उनकी हत्या कर दी थी। इस घटना के कुछ दिनों बाद ही सूरज बिहारी के पिता की हार्ट अटैक से मौत हो गई। लगातार हुई इन घटनाओं से परिवार गहरे सदमे में था।
पुलिस का दावा है कि इन्हीं घटनाओं के बाद उदय बिहारी ने अपने भाई की हत्या का बदला लेने की योजना बनाई और शुभम कुशवाहा को निशाना बनाया।
ऐसे रची गई थी हत्या की पूरी साजिश
पुलिस जांच में सामने आया है कि उदय बिहारी ने फरार आरोपी अयान खान से संपर्क कर शूटर उपलब्ध कराने को कहा। इसके बाद श्याम यादव के माध्यम से देवा यादव को छह लाख रुपये में हत्या करने के लिए तैयार किया गया। योजना के अनुसार 23 अप्रैल को जब शुभम कुशवाहा अपने मामा के साथ नेवालाल चौक पर चाय पीने पहुंचा, तभी पहले से घात लगाए चार शूटरों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
हमले में शुभम कुशवाहा को चार गोलियां लगीं, जबकि उसके मामा को दो गोलियां लगीं। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे, लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों के प्रयास से उनकी जान बच गई।
घटना के बाद मुख्य शूटर देवा यादव और राजदीप कुमार गुवाहाटी फरार हो गए थे। पुलिस के अनुसार, फरारी के दौरान उदय बिहारी ने दोनों को ऑनलाइन पैसे भी भेजे, जिससे वे लगातार पुलिस से बचते रहे।
शुभम कुशवाहा का भी रहा है आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार, शुभम कुशवाहा का भी आपराधिक इतिहास रहा है। वह पहले एक आपराधिक मामले में बाल सुधार गृह में बंद था। इसी दौरान हाउस फादर की हत्या कर फरार होने का आरोप भी उस पर है। इसके बाद उसका नाम कई अन्य आपराधिक मामलों में भी सामने आया। फिलहाल वह जेल से बाहर है।
पुलिस का कहना है कि सूरज बिहारी हत्याकांड में फिलहाल सात आरोपी जेल में बंद हैं, लेकिन उदय बिहारी को विश्वास था कि शुभम भी इस हत्या में शामिल था। इसी शक के आधार पर उसने हत्या की पूरी साजिश रची।
मुख्य आरोपी अब भी फरार, कई और खुलासों के संकेत
फिलहाल इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी उदय बिहारी और शूटर उपलब्ध कराने वाला अयान खान पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। दोनों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का मानना है कि इनके गिरफ्तार होने के बाद इस षड्यंत्र से जुड़े कई और अहम खुलासे हो सकते हैं।
एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन ने कहा कि पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम लगातार कार्रवाई में जुटी हुई है। पूरे मामले में तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच जारी है।
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