रूपौली/बालमुकुन्द यादव
रूपौली/पूर्णिया। आझोंकोपा गांव निवासी 25 वर्षीय बिलाश उरांव की तमिलनाडु के ईरोड जिले में हत्या का मामला सामने आया है। 10 सितंबर को हुई घटना के बाद शुक्रवार सुबह शव गांव पहुंचा तो परिजनों में चीख-पुकार मच गई। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने रूपौली-कुर्सेला मुख्य मार्ग को आझोंकोपा बजरंगबली मंदिर चौक के पास जाम कर दिया। ग्रामीण पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और एक परिजन को सरकारी नौकरी देने की मांग कर रहे थे।सड़क जाम की सूचना पर रूपौली पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाकर जाम हटाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। इसके बाद सीओ शिवानी सुरभि और बीडीओ सत्येंद्र कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। करीब एक घंटे की समझाइश के बाद ग्रामीणों ने जाम हटा लिया।सीओ ने बताया कि बिलाश के शव का पोस्टमार्टम तमिलनाडु पुलिस द्वारा कराया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफआईआर की प्रति मंगवाकर श्रम विभाग से समन्वय किया जाएगा। नियमानुसार पीड़ित परिवार को मिलने वाले लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा
पत्नी का आरोप- चार-पांच लोग कर रहे थे मारपीट
मृतक की पत्नी सुशीला देवी ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि बिलाश को गोरियर गांव के एक लेबर ठेकेदार और आझोंकोपा के एक ठेकेदार काम दिलाने के नाम पर 2 सितंबर को तमिलनाडु ले गए थे। 4 सितंबर की रात बिलाश ने फोन कर तमिलनाडु पहुंचने की जानकारी दी। उसी रात दोबारा फोन आया। पत्नी के अनुसार, बिलाश ने बताया कि चार-पांच लोग उसके साथ मारपीट कर रहे हैं। इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया।सुशीला ने स्थानीय ठेकेदार से संपर्क किया तो उसने बिलाश के दुकान की ओर जाने की बात कही। हालांकि, बाद में बिलाश से उसकी बात नहीं कराई गई। 10 सितंबर को तमिलनाडु पुलिस ने फोन कर परिजनों को बताया कि बिलाश का शव उसके रहने की जगह से करीब तीन किलोमीटर दूर झाड़ी में मिला है।पत्नी ने ठेकेदार पर हत्या की आशंका जताते हुए मामले की जांच और न्याय की मांग की है। रूपौली थानाध्यक्ष अभय रंजन ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


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