सोमवार को फलका बाजार में निकली भव्य कलश शोभायात्रा के दौरान निसुंदरा पुल के समीप बरंडी नदी में स्नान करने और कलश में जल भरने के दौरान दो किशोर डूब गए। हादसे में फलका बाजार निवासी 15 वर्षीय तेजस कुमार की मौत हो गई, जबकि 12 वर्षीय पियूष कुमार को स्थानीय लोगों की मदद से नदी से निकालकर गंभीर हालत में इलाज के लिए कटिहार भेजा गया।
हादसे की खबर मिलते ही कलश यात्रा का उत्सवी माहौल चीख-पुकार और मातम में बदल गया। तेजस बबलू कुमार दास का इकलौता पुत्र और तपेश दास का पोता था। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। घटना से पूरे फलका बाजार में शोक की लहर दौड़ गई।
दूसरे किशोर की पहचान घनश्याम गुप्ता के 12 वर्षीय पुत्र पियूष कुमार के रूप में हुई है। गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल कटिहार भेजा गया, जहां उसका उपचार जारी है।
घाट की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
कलश शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालु और कुमारी कन्याएं शामिल थीं। बरंडी नदी घाट पर जल भरने के लिए भारी भीड़ पहुंची थी। हादसे के बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने घाट की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि शोभायात्रा को लेकर हुई शांति समिति की बैठक में नदी घाट पर बैरिकेडिंग और प्रशिक्षित तैराकों की तैनाती की बात कही गई थी। आरोप है कि हादसे के समय घाट पर पर्याप्त बैरिकेडिंग और प्रशिक्षित तैराक मौजूद नहीं थे।
प्रखंड प्रमुख दीपशिखा सिंह, जिला परिषद प्रतिनिधि बलराम साह, सोहथा उत्तरी पंचायत के मुखिया संघ अध्यक्ष राजेश रंजन, मुखिया प्रतिनिधि संजय झा, सोहथा दक्षिणी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि अमित कुमार गुप्ता एवं वार्ड सदस्य संघ के प्रखंड अध्यक्ष कृष्णा आदित्य समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने घटना पर नाराजगी जताते हुए सुरक्षा व्यवस्था की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
सीओ-बीडीओ की कार्यशैली पर भी सवाल
जनप्रतिनिधियों ने अंचलाधिकारी सौमी पोद्दार और बीडीओ की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब प्रशासन को पहले से पता था कि हजारों श्रद्धालु नदी घाट पर पहुंचेंगे, तो सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं किए गए। उन्होंने मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
हालांकि, प्रशासन की ओर से सुरक्षा के लिए किए गए इंतजाम और हादसे के वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने धार्मिक आयोजनों के दौरान नदी घाटों पर बैरिकेडिंग, प्रशिक्षित तैराक, पर्याप्त पुलिस बल और चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
Post a Comment