पुलिस का नाम लिया, गहने उतरवाए और 8 लाख लेकर भागे! पूर्णिया में फर्जी पुलिसकर्मियों का खेल
पूर्णियां/सिटी हलचल न्यूज़
“अभी थोड़ी देर पहले यहां चेन छिनतई हुई है। क्यों गले में सोने की चेन पहनकर घूम रहे हो?” यह बात सुनकर चाचा-भतीजे को लगा कि सामने खड़े लोग सच में पुलिसकर्मी हैं और शायद उनकी सुरक्षा को लेकर पूछताछ कर रहे हैं। लेकिन उन्हें क्या पता था कि पुलिस का नाम लेकर बात करने वाले यही लोग कुछ ही देर में उनके करीब 8 लाख रुपये के सोने के गहने लेकर फरार हो जाएंगे।पूर्णिया में नए पुलिस कप्तान के रूप में जब से डॉ. सुमन शौर्य ने कमान संभाली है, तब से पुलिसिंग व्यवस्था पूरी तरह टाइट है। शहर में अपराध पर लगाम लगाने के उद्देश्य से बाइक से बाइक पेट्रोलिंग पार्टी की शुरुआत की गई है। पुलिस की बढ़ी सक्रियता के बीच अब अपराधियों ने भी वारदात का तरीका बदल लिया है। गुरुवार देर शाम शहर में कथित फर्जी पुलिसकर्मियों ने पुलिस का रौब दिखाकर चाचा-भतीजे को ऐसा झांसा दिया कि वे अपने शरीर से लाखों रुपये के सोने के आभूषण उतार बैठे।मामला शहर के फोर्ड कंपनी चौक स्थित डॉ. शांतनु के क्लिनिक से जुड़ा है
गुलाबबाग निवासी रोशन कुमार अपने बड़े चाचा शांति लाल बोथा के साथ डॉक्टर के यहां नंबर लगाकर चारपहिया वाहन से घर लौट रहे थे। इसी दौरान डाक बंगला स्थित रेणु उद्यान के पीछे फौजी रंग की बुलेट पर सवार दो लोगों ने उनकी गाड़ी रोक ली।दोनों ने खुद को पुलिसकर्मी बताया और सबसे पहले गाड़ी के कागजात, ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी मांगी। कागजात जांचने के दौरान ही बातचीत को दूसरी तरफ मोड़ दिया गया। कथित पुलिसकर्मी ने चाचा-भतीजे से कहा कि अभी थोड़ी देर पहले इसी इलाके में चेन छिनतई हुई है, ऐसे में गले में सोने की चेन पहनकर क्यों घूम रहे हैं।पुलिसकर्मी होने का भरोसा दिलाकर आरोपियों ने सुरक्षा के नाम पर दोनों को अपने सोने के गहने उतारकर सुरक्षित रखने की सलाह दी। इसके बाद आरोपी ने रोशन को गाड़ी से बाहर बुलाया और गले की सोने की चेन उतारकर रुमाल में रखने को कहा।इसके बाद उसके बड़े चाचा से भी गहने उतारकर उसी रुमाल में रखने के लिए कहा गया। पुलिसकर्मी समझकर दोनों ने बिना ज्यादा सवाल किए अपने गहने उतार दिए
यहीं आरोपियों का असली खेल शुरू हुआ।
आरोप है कि कथित फर्जी पुलिसकर्मियों ने शांति लाल बोथा के गले से सोने की चेन और दो अंगूठियां तथा रोशन के गले से सोने की एक चेन अपने कब्जे में ले ली। गहनों की कुल अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपये बताई जा रही है।गहने हाथ में आते ही आरोपियों ने कथित तौर पर रोशन के हाथ से उन्हें जबरन छीन लिया और धक्का देकर बुलेट से लाइन बाजार की ओर भागने लगे।लेकिन इस दौरान रोशन ने भी हिम्मत दिखाई। उसने भाग रहे आरोपियों का विरोध किया और बुलेट पर पीछे बैठे कथित फर्जी पुलिसकर्मी को मारकर उसकी शर्ट पकड़ ली। हालांकि बुलेट सवार तेज रफ्तार में लाइन बाजार की ओर निकल गए। इस दौरान रोशन के हाथ में आरोपी की शर्ट का कुछ हिस्सा फटकर रह गया।वारदात के बाद दोनों पीड़ित सीधे के.हाट थाने पहुंचे और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। मामले में लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की गई है।पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल के आसपास और आरोपियों के भागने वाले रास्तों पर लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। फुटेज के आधार पर बुलेट सवार दोनों आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि क्या आरोपियों ने वारदात से पहले चाचा-भतीजे की रेकी की थी, या फिर उन्होंने मौके का फायदा उठाकर अचानक इस घटना को अंजाम दिया।अब CCTV फुटेज और अन्य सुरागों के जरिए पुलिस उन दोनों लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, जिन्होंने पुलिस का नाम और रौब दिखाकर पहले चाचा-भतीजे को डराया, फिर सुरक्षा के नाम पर लाखों के गहने उतरवाए और मौका मिलते ही लेकर फरार हो गए।



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