बोट एंबुलेंस से स्वास्थ्य सेवा भी जारी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नीरज कुमार खुद संभाल रहे मोर्चा
रुपौली/बालमुकुन्द यादव
रुपौली पूर्णिया : गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण कारी कोसी नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। इससे रुपौली प्रखंड क्षेत्र के कई इलाकों में जलजमाव एवं बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार, भा.प्र.से. के दिशा-निर्देश में जिला प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्रभावित एवं जरूरतमंद परिवारों तक नाव के माध्यम से राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है
गुरुवार को अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन सुजय सिंह एवं सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी प्रणव कुमार सहित संबंधित अधिकारियों ने नाव के माध्यम से रुपौली के विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर जरूरतमंद परिवारों के बीच सूखा राशन सामग्री किट उपलब्ध कराया।इसी क्रम में धमदाहा अनुमंडल पदाधिकारी अनुपम कुमार एवं रुपौली अंचलाधिकारी शिवानी सुरभि ने नाव के माध्यम से सोहरा दियारा एवं भोवा परवल पंचायत में पहुंचकर प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराई। वहीं कोयली सिमरा पश्चिम पंचायत के पुरानी नंदगोला अनुसूचित जाति टोला में भी नाव के माध्यम से सूखा राशन सामग्री किट वितरित किया गया। साधोपुर-भोवा परवल क्षेत्र में भी राहत सामग्री पहुंचाई गई
बोट एंबुलेंस से स्वास्थ्य सेवा, डॉ. नीरज खुद मैदान में
बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं बाधित न हों, इसके लिए बोट एंबुलेंस के माध्यम से चिकित्सा व्यवस्था भी जारी रखी गई है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, रुपौली डॉ. नीरज कुमार स्वयं बोट एंबुलेंस के माध्यम से क्षेत्र में ड्यूटी करते हुए बाढ़ प्रभावित लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में जुटे हैं। उनके खुद मौके पर मौजूद रहकर जिम्मेदारी संभालने से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा व्यवस्था को मजबूती मिली है।जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं। राहत सामग्री के साथ जरूरतमंद लोगों तक चिकित्सा सुविधा पहुंचाने का अभियान भी जारी है।



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