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केले के खेत के बीच चल रहा था ट्रेनिंग सेंटर, अंदर क्या सिखाया जा रहा था जानकर रह जाएंगे हैरान

कटिहार /सिटी हलचल न्यूज़ 

चारों तरफ केले के खेत... बीच में एक झोपड़ी और बाहर से देखने पर ऐसा कुछ भी नहीं कि किसी को शक हो। लेकिन इसी झोपड़ी के अंदर हथियार बनाने की ट्रेनिंग चल रही थी। कटिहार पुलिस ने केले के खेत की आड़ में चल रही एक ऐसी मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है, जहां अवैध हथियार तैयार करने के साथ लोगों को हथियार बनाने की ट्रेनिंग भी दी जा रही थी।पोठिया थाना क्षेत्र के सतबेहरी चांदपुर बहियार स्थित महंत बाबा स्थान के पास केले के खेत में बनी झोपड़ी में पुलिस ने देर रात छापेमारी की। पुलिस को देखते ही वहां मौजूद तीन लोग भागने लगे, लेकिन जवानों ने घेराबंदी कर तीनों को दबोच लिया।झोपड़ी की तलाशी ली गई तो पुलिस भी हैरान रह गई। वहां तैयार पिस्टल, अर्धनिर्मित पिस्टल, बैरल, मैगजीन और जिंदा कारतूस के साथ हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण मिले।

केले के खेत में छिपा रखा था हथियार बनाने का अड्डा

पुलिस के मुताबिक, पोठिया थानाध्यक्ष को गुप्त सूचना मिली थी कि केले के खेत के बीच झोपड़ी बनाकर अवैध हथियार निर्माण का काम चल रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सदर-1 अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल (SIT) का गठन किया गया।तकनीकी अनुसंधान और मानवीय सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने ठिकाने की पहचान की और देर रात अचानक छापेमारी कर दी।पुलिस की कार्रवाई से वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। तीनों आरोपियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की घेराबंदी के कारण वे बच नहीं सके


झोपड़ी के अंदर मिला हथियारों का पूरा सामान

छापेमारी के दौरान पुलिस ने झोपड़ी से एक तैयार पिस्टल, एक अर्धनिर्मित पिस्टल, एक बैरल, दो मैगजीन, दो अर्धनिर्मित मैगजीन और 7.65 एमएम के छह जिंदा कारतूस बरामद किए।इसके अलावा हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले दो गैस कटिंग मशीन, एक ड्रिल मशीन, रैती, सुआ, स्प्रिंग और लोहे के कई टुकड़े भी बरामद किए गए। पुलिस ने तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।यानी केले के खेत के बीच बनी इस झोपड़ी में सिर्फ हथियार रखे ही नहीं जा रहे थे, बल्कि वहां हथियार तैयार करने का पूरा इंतजाम किया गया था।

मुंगेर से बुलाए गए थे ट्रेनर!

पुलिस पूछताछ में इस मामले का सबसे चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, मुंगेर के रहने वाले दो आरोपी यहां हथियार बनाने की ट्रेनिंग दे रहे थे।बताया जा रहा है कि लोगों को यहां बुलाकर हथियार बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा था। ट्रेनिंग लेने के बाद बड़े स्तर पर अवैध हथियारों का निर्माण करने की तैयारी थी। इस खुलासे के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुट गई है कि इस नेटवर्क की जड़ें कितनी गहरी हैं और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।

तीन आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने मौके से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रफीक आलम (30), पिता जैनुल आलम, निवासी सतबेहरी चांदपुर, पोठिया थाना तथा फिरोज (35), पिता स्व. तशलीन और वजीर (44), पिता स्व. एनुल, दोनों निवासी मिर्जापुर बरधा, मुफस्सिल थाना, मुंगेर के रूप में हुई है।तीनों को विधिवत गिरफ्तार कर पुलिस पूछताछ कर रही है


कितने समय से चल रही थी मिनी गन फैक्ट्री?

पुलिस अब इस बात का पता लगाने में जुटी है कि केले के खेत के बीच यह मिनी गन फैक्ट्री आखिर कब से चल रही थी। यहां कितने लोगों को हथियार बनाने की ट्रेनिंग दी गई, कितने हथियार तैयार किए गए और तैयार हथियारों की सप्लाई कहां-कहां की जाती थी—इन सभी सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।पुलिस खरीदारों और हथियारों के नेटवर्क से जुड़े लोगों तक पहुंचने की भी कोशिश कर रही है। पूछताछ में अगर नए नाम सामने आते हैं तो इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

 मामला दर्ज, नेटवर्क खंगाल रही पुलिस

पुलिस ने इस संबंध में पोठिया थाना कांड संख्या 233/26 दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है

केले के खेत की आड़ में चल रही इस अवैध हथियार फैक्ट्री का खुलासा होने के बाद अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचना है—कौन ट्रेनिंग लेने आता था, हथियार किसके लिए बनाए जा रहे थे और तैयार हथियार आखिर कहां पहुंचते थे।

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