**रुपौली/पूर्णिया।** बाढ़ प्रभावित रुपौली प्रखंड में राहत एवं बचाव कार्यों की जमीनी स्थिति का जायजा लेने बुधवार को पूर्णिया डीएम अंशुल कुमार विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचे। डीएम ने प्रखंड में संचालित सात सामुदायिक रसोई केंद्रों का निरीक्षण किया और बाढ़ प्रभावित परिवारों को उपलब्ध कराई जा रही राहत सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि बाढ़ पीड़ितों को भोजन, शुद्ध पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान धमदाहा अनुमंडल पदाधिकारी अनुपम कुमार, रुपौली बीडीओ सत्येंद्र कुमार सिंह, सीओ शिवानी सुरभि, आरओ अमित कुमार अमन समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे
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आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से संचालित सामुदायिक रसोई केंद्रों में बाढ़ प्रभावित और जरूरतमंद परिवारों के लिए सुबह और शाम गर्म एवं ताजा भोजन की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही केंद्रों पर शुद्ध पेयजल भी उपलब्ध कराया जा रहा है। बड़ी संख्या में बाढ़ प्रभावित महिलाएं, पुरुष और बच्चे इन सामुदायिक रसोई केंद्रों में पहुंचकर भोजन कर रहे हैं।
प्रभावित क्षेत्रों में कोयली सिमरा पूर्व के कौशिकपुर, सिमरा-कोयली सिमरा पश्चिम के पुरानी नंदगोला तथा साधोपुर मंझोडीह अंझरी समेत विभिन्न स्थानों पर राहत व्यवस्था संचालित की जा रही है।
बाढ़ के कारण उत्पन्न स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों को देखते हुए प्रभावित इलाकों में चार विशेष मेडिकल टीमों को तैनात किया गया है। मेडिकल टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों की स्वास्थ्य जांच कर रही हैं। आवश्यकता के अनुसार मरीजों को दवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
डीएम ने स्वास्थ्य विभाग की टीमों को भी प्रभावित इलाकों में लगातार सक्रिय रहने तथा जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान डीएम अंशुल कुमार ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री और आवश्यक सुविधाएं समय पर पहुंचनी चाहिए। भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा अथवा अन्य जरूरी राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखने और प्रभावित लोगों की जरूरत के अनुसार राहत व्यवस्था बढ़ाने का निर्देश दिया। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सामुदायिक रसोई केंद्र शुरू करने की भी तैयारी रखने को कहा गया है।
प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि संकट की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों को भोजन, पानी और चिकित्सा सुविधा के लिए परेशान न होना पड़े।
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