Top News

बाढ़ में डूबा रूपौली: 12 पंचायतों की 50 हजार आबादी प्रभावित, नाव से गांव पहुंचे सांसद पप्पू यादव

 

रूपाली/बालमुकुन्द यादव 

रूपौली/पूर्णिया। रूपौली प्रखंड में बाढ़ ने भारी तबाही मचा रखी है। कोयली सिमड़ा पूरब, कोयली सिमड़ा पश्चिम, भौवा परबल, कांप, विजय मोहनपुर, विजय लालगंज, लक्ष्मीपुर छर्रापट्टी, गोरियर पट्टी श्रीमत्ता, डोभा मिलिक, नाथुपुर, धूसर टिकापट्टी और भिखना पंचायत की करीब 50 हजार की आबादी बाढ़ की चपेट में है। सैकड़ों एकड़ खेत पानी में डूब चुके हैं, जिससे किसानों की फसल बर्बाद हो गई है। वहीं कई इलाकों में सड़क संपर्क टूटने से लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी भी मुश्किल हो गई है।इसी गंभीर स्थिति के बीच पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव शनिवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने पहुंचे। सड़क मार्ग से पहुंचना संभव नहीं होने के कारण सांसद नाव के सहारे कोयली सिमड़ा पूरब पंचायत के कौसकीपुर गांव और जंगल टोला पहुंचे। यहां उन्होंने बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सीधे सुनीं।ग्रामीणों ने सांसद को बताया कि बाढ़ के कारण इलाके का सड़क संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया है। कई जगहों पर बिजली व्यवस्था भी ठप है। आवागमन बंद होने से लोगों को जरूरी सामान लाने और इलाज समेत अन्य जरूरतों के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है।ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के बाद सांसद ने प्रभावित परिवारों की तत्काल मदद के लिए अपनी ओर से नगद आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और जरूरत के मुताबिक हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास जारी रहेगा


अधिकारियों से फोन पर की बात

बाढ़ प्रभावित इलाकों में सड़क और बिजली की बदहाल स्थिति को लेकर सांसद ने संबंधित अधिकारियों से फोन पर बातचीत की। उन्होंने अधिकारियों से प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन बहाल करने और बिजली व्यवस्था जल्द दुरुस्त करने को कहा। सांसद ने स्पष्ट किया कि बाढ़ के कारण लोगों को लंबे समय तक परेशानी में नहीं छोड़ा जा सकता और प्रशासन को राहत एवं जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था में तेजी लानी होगी।

पप्पू यादव ने कहा, “जनता मालिक है और उनकी परेशानी ही मेरी परेशानी है। संकट की इस घड़ी में बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा हूं।”सांसद ने यह भी बताया कि एक दिन पहले उनके प्रतिनिधियों के माध्यम से प्रभावित गांवों में सूखा राहत सामग्री पहुंचाई गई थी। उन्होंने कहा कि आगे भी जरूरत के अनुसार राहत सामग्री, आर्थिक सहायता और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का सिलसिला जारी रहेगा




अब प्रशासन से राहत की उम्मीद

बाढ़ के बीच सांसद के नाव से प्रभावित गांवों तक पहुंचने और ग्रामीणों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनने से स्थानीय लोगों में राहत की उम्मीद जगी है। हालांकि, बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। ग्रामीणों की सबसे बड़ी चिंता सड़क संपर्क, बिजली और लगातार राहत सामग्री की उपलब्धता को लेकर है। अब लोगों की नजर प्रशासन पर है कि प्रभावित पंचायतों में राहत और जरूरी सुविधाएं कितनी तेजी से जमीन पर पहुंचती हैं।

Post a Comment

Previous Post Next Post