मुरलीगंज/मिथिलेश कुमार
मुरलीगंज। खाद की कथित कालाबाजारी पर रोक लगाने, किसानों को निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने और फार्मर आईडी बनाने की प्रक्रिया को सरल एवं व्यावहारिक बनाने की मांग को लेकर राजद के प्रदेश महासचिव एवं किसान नेता मनोज यादव ने मंगलवार को प्रेस वार्ता की। मुरलीगंज प्रखंड के कोलायपट्टी स्थित अपने आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने किसानों की विभिन्न समस्याओं को उठाते हुए सरकार और जिला प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।मनोज यादव ने कहा कि वर्तमान में खेतों में धान की फसल लगी है और किसानों को यूरिया समेत अन्य उर्वरकों की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि खाद की कथित कमी का फायदा उठाकर कुछ लोग किसानों से निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूल रहे हैं। इससे खासकर छोटे और सीमांत किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।उन्होंने जिला कृषि पदाधिकारी और जिलाधिकारी से खाद वितरण केंद्रों तथा डिस्ट्रीब्यूटर्स के गोदामों की जांच और छापेमारी कराने की मांग की। उनका कहना है कि जांच से खाद की उपलब्धता और वितरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी तथा किसानों को निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी
फार्मर आईडी व्यवस्था पर भी सवाल
प्रेस वार्ता के दौरान मनोज यादव ने खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार की ओर से बनाई जा रही फार्मर आईडी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में किसान दूसरे लोगों की जमीन बटाई पर लेकर खेती करते हैं। कई किसान सुधभरना पर जमीन लेकर खेती कर रहे हैं, जबकि कई परिवारों में जमीन अभी भी दादा या पूर्वजों के नाम दर्ज है और खेती उनके बेटे या पोते कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में वास्तविक रूप से खेती करने वाले छोटे और सीमांत किसानों के लिए फार्मर आईडी बनवाना मुश्किल हो सकता है। यदि फार्मर आईडी के आधार पर खाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था लागू की जाती है
तो बड़ी संख्या में जरूरतमंद किसान सरकारी व्यवस्था के लाभ से वंचित हो सकते हैं।मनोज यादव ने सरकार से मांग की कि किसानों की वास्तविक स्थिति को ध्यान में रखते हुए फार्मर आईडी के लिए वैकल्पिक और सरल व्यवस्था तैयार की जाए। इसमें बटाईदार, सुधभरना पर खेती करने वाले तथा पूर्वजों के नाम जमीन दर्ज होने के बावजूद स्वयं खेती कर रहे किसानों को भी शामिल किया जाए, ताकि उन्हें खाद और अन्य कृषि सुविधाओं का लाभ मिल सके।उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन से खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने तथा किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए फार्मर आईडी की प्रक्रिया को सरल, व्यावहारिक और किसान हितैषी बनाने की मांग की।



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