मुरलीगंज बीआरसी परिसर में शनिवार को बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ की ओर से शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर एक दिवसीय धरना दिया गया। धरना में शिक्षा विभाग में कथित भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और शिक्षकों की लंबित समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष भूपेंद्र प्रसाद यादव ने की, जबकि संचालन प्रखंड सचिव अरविंद कुमार सिंह ने किया।
धरना को संबोधित करते हुए प्रखंड अध्यक्ष भूपेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि शिक्षक विभागीय निर्देशों के अनुसार शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक कार्यों का समय पर अनुपालन करते हैं। अनुपालन में देरी होने पर शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है, लेकिन शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के मामले में विभागीय अधिकारियों एवं कर्मियों द्वारा टालमटोल और बहानेबाजी की जाती है। उन्होंने शिक्षा विभाग में कथित अवैध आर्थिक वसूली पर रोक लगाने की मांग की।
धरना के बाद संघ के प्रतिनिधिमंडल ने प्रभारी बीईओ बबीता कुमारी को लिखित मांग-पत्र सौंपा। मांग-पत्र में बीआरसी में शिक्षकों से किसी भी कार्य के लिए कथित अवैध आर्थिक दोहन बंद करने, प्रोन्नति से वंचित शिक्षकों एवं विशिष्ट शिक्षकों के वेतन निर्धारण से संबंधित प्रपत्र के साथ सेवा पुस्तिका जिला कार्यालय भेजने, मई-जून के मध्याह्न भोजन मद की वेंडर भुगतान राशि का भुगतान सुनिश्चित करने तथा उर्दू विद्यालयों में पूर्व की तरह गुरुवार को हाफ-डे की व्यवस्था बहाल करने की मांग की गई।
इसके अलावा ई-शिक्षा कोष पोर्टल से मृत, स्थानांतरित एवं त्यागपत्र दे चुके शिक्षकों के नाम हटाकर पोर्टल को अपडेट करने की भी मांग की गई। प्रखंड अध्यक्ष ने कहा कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो 29 अगस्त को डीईओ कार्यालय के समक्ष महाधरना आयोजित किया जाएगा।
धरना में दिवाकर कुमार, प्रभा कुमारी, रविंद्र कुमार, अरविंद कुमार अमर, नरेश प्रसाद यादव, राजेंद्र प्रसाद भारती, किशोर कुमार, सुरेश ऋषिदेव, दीपक कुमार, अजय कुमार, वरुण कुमार, मनोरमा कुमारी, अनु कुमारी और अहिल्या कुमारी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।
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