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एसपी आवास के पास गोली चलाकर बनना चाहते थे रंगदार, पुलिस ने युवकों को गंजी-हाफ पैंट में मोहल्ले में घुमाया


पूर्णिया। शहर में गोली चलाकर अपना दबदबा और ‘भौकाल’ बनाने निकले 7 युवकों को पूर्णिया पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 16 अगस्त की रात डीआईजी चौक पर हुई 3 राउंड फायरिंग के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी ऋषभ सिंह समेत सभी आरोपियों पर शिकंजा कसा है। कार्रवाई के बाद पुलिस ने सभी युवकों को गंजी और हाफ पैंट में उनके ही मोहल्ले में घुमाया, जिसके बाद पूरे शहर में पुलिस की इस कार्रवाई की चर्चा तेज हो गई।

पुलिस गिरफ्तार आरोपियों को डीआईजी चौक स्थित उस चाय दुकान पर भी लेकर पहुंची, जहां से कथित तौर पर पूरी घटना की शुरुआत हुई थी। पुलिस के अनुसार, आरोपियों का मकसद किसी पुराने विवाद का बदला लेना नहीं, बल्कि गोली चलाकर शहर में अपना नाम और दबदबा कायम करना था।

एसपी-डीएम आवास के पास चली थी गोली

बताया जा रहा है कि 16 अगस्त की रात शहर के सबसे सुरक्षित इलाकों में से एक डीआईजी चौक पर कुछ युवकों ने 3 राउंड फायरिंग की थी। यह इलाका एसपी और डीएम आवास के समीप है। गोलीबारी के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे।

घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी के रूप में जनता चौक निवासी ऋषभ सिंह की पहचान की। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की गई और उस पर ₹5,000 का इनाम भी घोषित किया गया।
पुलिस के अनुसार, गोलीबारी के बाद ऋषभ सिंह पहले पश्चिम बंगाल के मालदा पहुंचा और बाद में कोलकाता फरार हो गया। इस दौरान उसके दोस्तों ने उसे पुलिस से बचने और फरार होने में मदद की। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी आयुष कुमार अपनी बाइक से ऋषभ को मालदा तक छोड़ने गया था। वहां से ऋषभ अन्य दोस्तों की मदद से कोलकाता पहुंच गया। बाद में 19 अगस्त को ऋषभ सिंह ने पूर्णिया न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।
गुरुवार को पुलिस ने उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू की। पूछताछ के बाद उसके फरार होने में मदद करने वाले और घटना के दौरान उसके साथ मौजूद युवकों की भूमिका सामने आई।

पुलिस ने कोलकाता से लौटते समय दोस्तों को दबोचा

पूर्णिया के एसएसपी शौर्य सुमन ने बताया कि ऋषभ सिंह को फरार होने में उसके दोस्तों ने मदद की थी। घटना के वक्त भी कई युवक चाय दुकान पर मौजूद थे। पुलिस ने अनुसंधान के दौरान ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने आरोपी की मदद की थी। पुलिस के अनुसार, कुछ आरोपी कोलकाता से वापस लौट रहे थे, जिन्हें ट्रेन से किशनगंज के पास गिरफ्तार किया गया।

 “सिर्फ नाम और भौकाल बनाना था”

एसएसपी के अनुसार, गोलीबारी के पीछे कोई विशेष विवाद या पुरानी दुश्मनी की बात सामने नहीं आई है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि युवकों का उद्देश्य सिर्फ शहर में अपना नाम और दबदबा बनाना था।
पुलिस का मानना है कि आरोपी गोलीबारी के जरिए लोगों में डर पैदा करना चाहते थे और बाद में इसी कथित ‘भौकाल’ के सहारे अन्य अनैतिक गतिविधियों को अंजाम देने की योजना बना सकते थे।
इस पूरे मामले में एक और गंभीर एंगल सामने आया है। एसएसपी ने बताया कि जांच के दौरान स्मैक से जुड़े होने की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गोलीबारी की घटना और नशे के कारोबार के बीच कोई संगठित कड़ी है या नहीं। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और आने वाले दिनों में इससे जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की संभावना है।
पुलिस ने इस मामले में जिन 7 युवकों को गिरफ्तार किया है, उनमें शामिल हैं—

1.रिषभ कुमार सिंह पिता विभूति कुमार सिंह उर्फ मटरू सिंह साकिन थाना सरसी जिला पूर्णिया वर्तमान पता श्रीनगर हाता थाना के हाट जिला पूर्णिया

2 आयुष कुमार पिता - रमन झा ग्राम - मंझली चौक चुनापुर रोड थाना - मधुबनी जिला पूर्णियाँ 
3. शुभम कुमार सिंह उर्फ छोटु पिता - प्रमोद कुमार सिंह ग्राम-टोपड़ा टोला पीरपैंती जिला-भागलपुर वर्तमान शिवाय टोला मधुबनी जिला - पूर्णियाँ 
4. निखील कुमार पिता - स्व० सुनील कुमार ग्राम शाहबान हाता थाना के०हाट जिला - पूर्णियों 
5. सुभम आनंद पिता - सच्चीदानंद यादव सा०- बैजनाथपुरी यादव टोला वार्ड नं0-01 थाना - मधुबनी जिला - पूर्णियाँ 
6. अमित सागर पिता - कमल किशोर यादव सा०-कचहरी बलुआ थाना - सरसी जिला पूर्णियाँ वर्तमान मे काली स्थान मधुबनी पूर्णियों

पुलिस ने आरोपियों के पास से एक देशी कट्टा भी बरामद किया है।

गंजी-हाफ पैंट में निकाला जुलूस

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को गंजी और हाफ पैंट में उनके ही मोहल्ले में घुमाया। पुलिस की इस कार्रवाई को अपराधियों और आपराधिक गतिविधियों में शामिल युवकों के बीच एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।

हालांकि, जुलूस के दौरान कुछ आरोपी खुद को बेगुनाह बताते हुए नजर आए। उनका कहना था कि वे सिर्फ मुख्य आरोपी ऋषभ के दोस्त हैं और गोलीबारी से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
लेकिन पुलिस का कहना है कि घटना के वक्त मौजूद रहने, मुख्य आरोपी को फरार होने में मदद करने और जांच में मिले अन्य साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई है।

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