पूर्णिया नगर निगम क्षेत्र में नया राशन कार्ड बनाने, सुधार कराने और परिवार के छूटे सदस्यों का नाम जोड़ने के लिए दिए जा रहे आवेदनों को कथित रूप से मनमाने ढंग से अस्वीकृत कर वापस किए जाने को लेकर लोगों में आक्रोश बढ़ने लगा है। इस मामले को लेकर वार्ड संख्या 44 की पार्षद पूनम देवी ने शुक्रवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर हस्तक्षेप की मांग की।
पार्षद ने नगर निगम कर्मियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए राशन कार्ड से संबंधित आवेदनों को लौटाने की प्रक्रिया पर रोक लगाने और आवेदन की अंतिम तिथि कम से कम एक माह बढ़ाने की मांग की है।
## 2025 के प्रमाण पत्र को लेकर लौटाए जा रहे आवेदन
पार्षद पूनम देवी ने बताया कि खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के निर्देश के तहत नया राशन कार्ड बनाने और छूटे हुए सदस्यों के नाम जोड़ने के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं। आवेदकों ने वर्ष 2025 में निर्गत जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र आवेदन के साथ संलग्न किए हैं।
आरोप है कि नगर निगम के कर्मचारी यह कहते हुए आवेदन वापस लौटा रहे हैं कि सभी दस्तावेज पिछले छह माह के भीतर, यानी वर्ष 2026 में बने होने चाहिए। पार्षद का कहना है कि जाति और स्थायी निवास प्रमाण पत्र में सामान्यतः बार-बार बदलाव नहीं होता है, जबकि 31 दिसंबर 2025 को निर्गत आय प्रमाण पत्र भी चालू वित्तीय वर्ष के लिए वैध माना जाना चाहिए।
## बिना पूर्व सूचना के अंतिम समय में बदला नियम!
ज्ञापन में कहा गया है कि आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के समय ब्लॉक या आपूर्ति अधिकारी कार्यालय की ओर से ऐसा कोई स्पष्ट लिखित आदेश सार्वजनिक नहीं किया गया था, जिसमें प्रमाण पत्रों को केवल छह माह पुराना होना अनिवार्य बताया गया हो। आरोप है कि अंतिम समय में दस्तावेजों को इस आधार पर लौटाए जाने से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
## नया प्रमाण पत्र बनवाना भी आसान नहीं
पार्षद ने बताया कि RTPS के माध्यम से नया जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र बनवाने में लगभग 10 से 14 कार्य दिवस लग सकते हैं। वहीं विवाहित महिलाओं के मामले में जाति प्रमाण पत्र मायके या पितृ पक्ष के पते से बनवाने की प्रक्रिया अधिक जटिल हो जाती है। दूर-दराज के जिलों अथवा दूसरे राज्यों से कम समय में नए प्रमाण पत्र बनवाना कई महिलाओं के लिए मुश्किल है।
## डीएम से की गई ये प्रमुख मांगें
ज्ञापन के माध्यम से वार्ड पार्षद ने मांग की कि नगर निगम कर्मियों द्वारा राशन कार्ड आवेदनों को वापस करने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए। पहले से जमा आवेदनों के आधार पर घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन कराया जाए और पात्र परिवारों का राशन कार्ड स्वीकृत किया जाए।
इसके साथ ही नया प्रमाण पत्र बनवाने में लगने वाले समय और प्रक्रियात्मक जटिलताओं को देखते हुए राशन कार्ड बनाने, सुधार कराने और नाम जोड़ने की अंतिम तिथि को कम से कम 30 दिन आगे बढ़ाने की मांग की गई है।
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