जिले के प्रधान शिक्षकों ने लंबित सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान और विद्यालयों के सुचारु संचालन को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी के समक्ष 10 सूत्री मांग रखी है। प्रधान शिक्षकों ने कहा कि वे शैक्षणिक कार्यों के साथ-साथ प्रशासनिक एवं वित्तीय दायित्वों का भी निर्वहन कर रहे हैं, लेकिन कई महत्वपूर्ण मामले लंबे समय से लंबित हैं।
मांग-पत्र में लंबित वेतन संरक्षण का लाभ, अंतर वेतन के एरियर का शीघ्र भुगतान तथा सेवा पुस्तिका के संधारण, सत्यापन एवं अद्यतन की मांग प्रमुखता से की गई है। इसके अलावा विद्यालयों के संचालन के लिए आवश्यक प्रशासनिक सहयोग और पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई।
प्रधान शिक्षकों ने अनावश्यक गैर-शैक्षणिक कार्यों का भार कम करने, जर्जर विद्यालय भवन, कक्ष, छत, फर्श, शौचालय, पेयजल एवं विद्युत व्यवस्था सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं की मरम्मत को प्राथमिकता देने की मांग की। साथ ही विद्यालय संचालन के लिए निर्धारित राशि समय पर उपलब्ध कराने और छात्र संख्या के अनुरूप पर्याप्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं मानव संसाधनों की व्यवस्था की मांग की गई।
प्रधान शिक्षकों ने प्रखंड स्तर पर प्रत्येक माह तथा जिला स्तर पर वर्ष में कम से कम दो बार संगोष्ठी आयोजित करने का सुझाव दिया। विद्यालय प्रबंधन, शैक्षणिक नेतृत्व, वित्तीय एवं प्रशासनिक कार्यों तथा डिजिटल कार्यप्रणाली को लेकर नियमित प्रशिक्षण और क्षमता-विकास कार्यक्रम चलाने की भी मांग की गई।
प्रधान शिक्षकों ने कहा कि उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान होने से विद्यालयों के प्रशासनिक संचालन और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होगा।
मांग-पत्र सौंपने के दौरान विक्रम मिश्रा, शमीम अख्तर, शक्ति कुमार सिन्हा, विनय गणेश, मुकेश कुमार, चंद्र गणेश, चंदन चौधरी, संदीप चंद्र पाल, पुष्पांजलि कुमारी, प्रतिभा कुमारी, मो. फैज, असगर कमाल, निशांत कुमार, शोएब आलम अंसारी, सुभोजित कुमार, प्रियंका कुमारी एवं बिट्टू दास सहित कई प्रधान शिक्षक मौजूद थे।
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