धरना देने के लिए जगह नहीं, बदलते रहे स्थल; संघ बोला- अपनी मांग रखने का लोकतांत्रिक अधिकार कहां निभाएं?
पूर्णियाँ /बालमुकुन्द यादव
पूर्णिया। शहर में सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के लिए धरना-प्रदर्शन करने के लिए निर्धारित स्थल का संकट लगातार गहराता जा रहा है। अलग-अलग समय में प्रशासन की ओर से धरना देने के लिए स्थल निर्धारित किए गए, लेकिन समय के साथ इन जगहों का स्वरूप बदलता गया। अब स्थिति यह है कि संगठनों के सामने अपनी मांगों और समस्याओं को लोकतांत्रिक तरीके से रखने के लिए स्थायी स्थान का अभाव है।इसी समस्या को लेकर बिहार किसान मजदूर संघ के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को जिलाधिकारी से मुलाकात की और पूर्णिया शहर में एक स्थायी धरना स्थल उपलब्ध कराने की मांग रखी।संघ के जिलाध्यक्ष धीरेंद्र कुमार यादव ने कहा कि पहले लोग अपनी मांगों को लेकर समाहरणालय गेट के समीप धरना देते थे। बाद में प्रशासन ने धरना स्थल को बदलकर एसडीओ गेट के समीप कर दिया
कुछ वर्षों बाद वहां भी धरना देने की व्यवस्था समाप्त कर दी गई और आरएन साव चौक को इसके लिए निर्धारित किया गया।संघ के अनुसार, सड़क चौड़ीकरण के कारण आरएन साव चौक का निर्धारित हिस्सा भी छोटा पड़ गया। इसके बाद प्रशासन की ओर से थाना चौक को धरना स्थल के रूप में निर्धारित किया गया, लेकिन अब वहां पार्क विकसित कर दिया गया है। ऐसे में संगठनों के लिए धरना देने की समस्या फिर खड़ी हो गई है।धीरेंद्र कुमार यादव ने कहा कि जब पुराने के.हाट थाना के समीप धरना देना शुरू किया गया तो वहां की जमीन को भी थाना की ओर से अतिक्रमित कर लिए जाने की बात सामने आई। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि शहर में धरना-प्रदर्शन के लिए कोई स्थायी और व्यवस्थित जगह ही नहीं होगी तो आम लोग और सामाजिक संगठन अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से प्रशासन तक कहां पहुंचाएंगे?उन्होंने कहा कि धरना देना और अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से रखना लोकतांत्रिक अधिकार है
प्रशासन को इस अधिकार को ध्यान में रखते हुए शहर में एक स्थायी धरना स्थल का निर्माण कराना चाहिए।संघ ने जिलाधिकारी से मांग की कि पूर्णिया में ऐसा पक्का और स्थायी धरना स्थल बनाया जाए, जहां लोग धूप और बारिश के बावजूद सुरक्षित तरीके से अपनी मांगों को लेकर धरना दे सकें। इससे एक ओर शहर में धरना-प्रदर्शन के लिए स्पष्ट स्थान तय होगा, वहीं दूसरी ओर यातायात और सार्वजनिक व्यवस्था पर भी अनावश्यक दबाव नहीं पड़ेगा।प्रतिनिधिमंडल में अनिरुद्ध प्रसाद मेहता, माहेश्वरी मेहता, सुरेश यादव, सुरेश प्रसाद गुप्ता समेत अन्य लोग मौजूद थे।



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