फलका। सुख-शांति, समृद्धि और भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक प्रकृति पर्व करमा पूजा मंगलवार को प्रखंड क्षेत्र में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। पर्व को लेकर गांवों में सुबह से ही उत्सवी माहौल रहा। महिलाओं और युवतियों ने उपवास रखकर विधि-विधान से करम देव की पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि व खुशहाली की कामना की।
पूजा स्थलों पर करम डाल स्थापित कर फल-फूल, प्रसाद सहित अन्य पूजन सामग्री अर्पित की गई। इस दौरान महिलाओं ने पारंपरिक करमा गीत गाए और कई जगह करम डाल के चारों ओर नृत्य भी किया। इससे गांवों का माहौल भक्तिमय और उत्सवी बना रहा।
करमा पर्व को भाई-बहन के प्रेम और आपसी स्नेह का प्रतीक माना जाता है। बहनों ने भाइयों की सुख-समृद्धि और दीर्घायु की कामना की। वहीं परिवार में सुख-शांति और आपसी प्रेम बना रहे, इसके लिए भी प्रार्थना की गई।
पर्व का प्रकृति से भी गहरा संबंध है। करम वृक्ष और हरियाली की पूजा के माध्यम से प्रकृति के संरक्षण का संदेश दिया जाता है। ग्रामीणों ने कहा कि करमा पर्व लोक संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक है। पूजा-अर्चना के बाद लोगों ने एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं।
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