फरक्का जल संधि को लेकर जेडीयू ने इसके नवीनीकरण का विरोध करते हुए संधि निरस्त करने की मांग उठाई है। शुक्रवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में विधायक गोपाल अग्रवाल ने कहा कि वर्ष 1996 में भारत-बांग्लादेश के बीच हुई संधि के कारण गंगा के पानी के बंटवारे में बिहार को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि इसके चलते उत्तर बिहार में गाद जमने, बाढ़ और गर्मी में पानी की कमी जैसी समस्याएं बढ़ी हैं। जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने भी राज्यसभा में संधि के नवीनीकरण का विरोध किया है।
गोपाल अग्रवाल ने कहा कि भविष्य में यदि नई जल संधि होती है तो उसमें वर्ष 2050 तक बिहार की जल जरूरतों को ध्यान में रखना होगा। उन्होंने राजद पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 1996 में संधि के समय बिहार में लालू प्रसाद यादव की सरकार थी, लेकिन बिहार के हित में प्रभावी पहल नहीं की गई।
नगर परिषद अध्यक्ष सह जेडीयू नेता इंद्रदेव पासवान ने भी संधि खत्म करने की मांग की। जिला अध्यक्ष फैसल अहमद ने बताया कि 5 सितंबर से फरक्का जल संधि को लेकर ‘नीतीश संवाद’ कार्यक्रम चलाया जा रहा है। मौके पर पूर्व मंत्री नौशाद आलम सहित अन्य लोग मौजूद थे।
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