बिहार सरकार के पूर्व मंत्री एवं अमौर विधानसभा क्षेत्र से छह बार विधायक रहे वरिष्ठ कांग्रेस नेता हाजी अब्दुल जलील मस्तान को सोमवार को पैतृक गांव सिरसी में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। उनके जनाजे की नमाज में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। नई दिल्ली स्थित एम्स में इलाज के दौरान निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव सिरसी लाया गया, जहां समर्थकों और स्थानीय लोगों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
जनाजे की नमाज में किशनगंज सांसद डॉ. मो. जावेद, अमौर विधायक अख्तरूल ईमान, पूर्व विधायक सबा जफर, पूर्व विधायक मास्टर मुजाहिद आलम, प्रमुख मो. शमीम अख्तर उर्फ लालबाबू, उपप्रमुख फिरोज आलम समेत कई वर्तमान एवं पूर्व विधायक, विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। नेताओं ने हाजी मस्तान को सीमांचल की राजनीति का मजबूत स्तंभ और गरीबों की आवाज बताते हुए उनके निधन पर गहरा शोक जताया।
हाजी अब्दुल जलील मस्तान ने वर्ष 1985 में पहली बार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में विधानसभा चुनाव जीतकर राजनीतिक सफर शुरू किया था। उन्होंने अमौर विधानसभा क्षेत्र का छह बार प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 2015 में गठित महागठबंधन सरकार में उन्हें मद्यनिषेध एवं उत्पाद मंत्री बनाया गया था। राज्य में पूर्ण शराबबंदी कानून उनके मंत्री रहते लागू हुआ था।
उनके निधन से पूरे सीमांचल के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में शोक की लहर है। सांसद डॉ. जावेद आजाद, विधायक अख्तरूल ईमान, प्रमुख मो. शमीम अख्तर उर्फ लालबाबू, उपप्रमुख फिरोज आलम, पूर्व प्रमुख सह कांग्रेस नेता मो. प्रवेज आलम, कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष मसूद जफर, जदयू प्रखंड अध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह, मुखिया हसनैन आलम, समाजसेवी रहीद आलम, आमिर सोहेल एवं मो. नदीम सहित अन्य लोगों ने शोक व्यक्त किया।
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