रुपौली। बाढ़ का पानी उतरने के बाद जलजनित बीमारियों और संक्रमण की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने स्वास्थ्य सुरक्षा अभियान तेज कर दिया है। जिला पदाधिकारी पूर्णिया अंशुल कुमार के निर्देश पर बाढ़ प्रभावित गांवों में ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव और हैलोजन टैबलेट वितरण की निगरानी की जा रही है।
इसी क्रम में एडीएमओ पूर्णिया प्रणव कुमार, रुपौली आरओ अमित कुमार अमन और रेफरल अस्पताल रुपौली के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नीरज कुमार के निर्देश पर अस्पताल मैनेजर विकल्प ने प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सार्वजनिक स्थलों, जलजमाव वाले स्थानों और पेयजल स्रोतों के आसपास ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव की स्थिति देखी। ग्रामीणों के बीच वितरित की जा रही हैलोजन (क्लोरीन) टैबलेट के वितरण की भी समीक्षा की गई।
डॉ. नीरज कुमार ने ग्रामीणों को हैलोजन टैबलेट के सही इस्तेमाल की जानकारी देते हुए पानी को उबालकर या टैबलेट से शुद्ध करने के बाद ही पीने की सलाह दी। जलजमाव वाले क्षेत्रों में सघन छिड़काव कराने का निर्देश फील्ड कर्मियों को दिया गया।
आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम और स्वास्थ्य दलों को घर-घर जाकर निगरानी करने तथा डायरिया, त्वचा संक्रमण समेत अन्य लक्षण मिलने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र को सूचना देने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को अलर्ट मोड पर रखने की बात कही है। आपात स्थिति में जिला आपातकालीन संचालन केंद्र के टोल फ्री नंबर 06454242317/19/20 पर संपर्क किया जा सकता है।

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