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बच्चों के लिए मक्का का दर्रा बना रही थी मां, पप्पू यादव ने बांटे 500-500



 कटिहार जिले के मनिहारी में बाढ़ की भयावह स्थिति के बीच सैकड़ों परिवार अपने घर-बार छोड़कर सड़क किनारे और बांध के किनारे प्लास्टिक टांगकर रहने को मजबूर हैं। घरों में बाढ़ का पानी घुस जाने के कारण इन परिवारों के सामने भोजन, रहने और रोजमर्रा की जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है। इसी बीच सांसद पप्पू यादव बाढ़ प्रभावितों के बीच पहुंचे और पीड़ित परिवारों से सीधे मुलाकात कर उनकी परेशानियां सुनीं।

मनिहारी नगर पंचायत के चरवाहा विद्यालय सहित वार्ड नंबर 01, 06 और 08 के बाढ़ प्रभावित इलाकों में सांसद ने जमीनी स्थिति का जायजा लिया। सड़क किनारे रह रहे परिवारों से मुलाकात के दौरान उन्होंने महिलाओं, बुजुर्गों और जरूरतमंदों से उनकी समस्याएं पूछीं। कई परिवारों ने राहत और भोजन से जुड़ी परेशानियों की जानकारी सांसद को दी।


बच्चों के लिए मक्का का दर्रा बनाती मां को देखकर रुके सांसद

मनिहारी दौरे के दौरान एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने बाढ़ की मार झेल रहे परिवारों की स्थिति को सामने ला दिया। पांच बच्चों की मां अपने बच्चों का पेट भरने के लिए मक्का का दर्रा तैयार कर रही थी। सांसद पप्पू यादव की नजर जब उस महिला पर पड़ी तो वे रुक गए और उससे बातचीत की। महिला ने अपने परिवार की परेशानी बताई तो सांसद ने सरकार की राहत व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि सरकारी दावों और जमीन पर दिखाई दे रही हकीकत के बीच काफी अंतर है। बाढ़ पीड़ितों को सिर्फ दावों से नहीं, बल्कि तत्काल राहत और जरूरी सहायता की जरूरत है।

प्लास्टिक के नीचे गुजर रही जिंदगी, फिर निकली 500-500 रुपये की गड्डी

मनिहारी में सांसद ने बांध के किनारे प्लास्टिक टांगकर शरण लिए परिवारों से भी मुलाकात की। खुले आसमान के नीचे छोटे-छोटे बच्चों और परिवारों के साथ रह रहे लोगों की स्थिति देखकर उन्होंने उनकी जरूरतों के बारे में जानकारी ली। इसके बाद सांसद ने अपने पुराने अंदाज में राहत के लिए 500-500 रुपये के नोटों की गड्डी निकाली और बाढ़ पीड़ितों के बीच नगद आर्थिक सहायता बांटना शुरू कर दिया। महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों के बीच 500-500 रुपये की राशि वितरित की गई। सांसद की ओर से यह सहायता ऐसे समय में दी गई, जब बाढ़ के कारण लोगों का रोजमर्रा का जीवन पूरी तरह प्रभावित है।
बाढ़ प्रभावितों के लिए सामुदायिक किचन संचालित किया जा रहा है, लेकिन पीड़ितों के मुताबिक कई जगह व्यवस्थाओं में दिक्कतें सामने आ रही हैं। कहीं गैस की समस्या है तो कहीं आवश्यक सामग्री उपलब्ध नहीं होने की शिकायत है। ऐसे में बाढ़ के बीच लोगों के सामने भोजन की व्यवस्था भी बड़ी चुनौती बनी हुई है।
सांसद ने राहत शिविरों और प्रभावित इलाकों का जायजा लेते हुए लोगों से सीधे उनकी समस्याएं सुनीं। उनका जोर इस बात पर रहा कि बाढ़ में फंसे लोगों तक राहत वास्तविक रूप से पहुंचनी चाहिए और जरूरतमंद परिवारों को तत्काल सहायता मिलनी चाहिए।

पटना के बाद तीन दिनों से पूर्णिया-कटिहार में बाढ़ प्रभावितों के बीच

पप्पू यादव पटना के बाद पिछले तीन दिनों से पूर्णिया और कटिहार जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं। वे सुदूर दियारा क्षेत्रों तक पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों से सीधे मुलाकात कर रहे हैं और उनकी समस्याओं को सुन रहे हैं। मनिहारी में भी उन्होंने अधिकारियों और राहत व्यवस्था से जुड़े लोगों से जमीनी स्थिति की जानकारी ली तथा पीड़ित परिवारों के बीच अपनी ओर से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई।

बोले पप्पू यादव—राहत और हक मिलने तक लोगों के बीच रहेंगे

सांसद पप्पू यादव ने कहा कि बाढ़ की इस कठिन घड़ी में पीड़ित परिवारों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। जब तक लोगों को राहत और उनका हक नहीं मिलता, तब तक वे लगातार उनके बीच रहकर उनकी आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि मुसीबत चाहे कितनी भी बड़ी हो, पूर्णिया-कटिहार सहित सीमांचल और कोशी के लोगों के साथ उनका साथ और सेवा का संकल्प हमेशा खड़ा रहेगा।

मनिहारी में 500-500 रुपये की नगद सहायता का वितरण ऐसे समय में हुआ है, जब बाढ़ प्रभावित परिवार सड़क किनारे, बांधों के किनारे और अस्थायी ठिकानों में रहने को मजबूर हैं। सांसद के इस दौरे में एक तरफ बाढ़ की जमीनी तस्वीर सामने आई तो दूसरी तरफ प्रभावित परिवारों के बीच तत्काल आर्थिक मदद पहुंचाने की कोशिश भी दिखाई दी।

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