जन्माष्टमी के पावन अवसर पर इस वर्ष पूर्णिया में पहली बार इस्कॉन (ISKCON) द्वारा भव्य जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ विदेशों से भी श्रद्धालु पूर्णिया पहुंचेंगे और रॉक बैंड के साथ भजन एवं कीर्तन की विशेष प्रस्तुति देंगे।
देश के कई बड़े शहरों में इस्कॉन द्वारा जन्माष्टमी का भव्य आयोजन किया जाता है। इसी तरह का आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक अनुभव इस वर्ष पूर्णिया के श्रद्धालुओं को भी मिलने जा रहा है। आयोजन में देश-विदेश से आने वाले भक्त भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में सराबोर होंगे।
महोत्सव का प्रमुख आकर्षण विदेशी श्रद्धालुओं द्वारा रॉक बैंड के साथ प्रस्तुत किया जाने वाला भजन एवं कीर्तन होगा। इसके अलावा भारतीय शास्त्रीय नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति, भजन क्लबिंग एवं संगीतमय कीर्तन भी श्रद्धालुओं को आकर्षित करेंगे।
महोत्सव में 1008 भोग का भव्य आयोजन, 108 कलश द्वारा श्री विग्रह का महाभिषेक, भव्य महाआरती, श्रीकृष्ण झूला और विशेष सजावट भी की जाएगी। पूरे आयोजन को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रंग में सजाने की तैयारी की जा रही है।
आयोजकों ने इस वर्ष 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के महोत्सव में शामिल होने का लक्ष्य रखा है। श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद सहित विभिन्न आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की व्यवस्था की जाएगी।
आयोजकों के अनुसार यह आयोजन केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति और भारतीय आध्यात्मिक परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास है। विशेष रूप से युवाओं को भारतीय संस्कृति, भक्ति और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने के साथ उन्हें नशे और अन्य बुरी आदतों से दूर रहकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया जाएगा।
आयोजकों ने पूर्णिया के हर वर्ग, हर आयु के लोगों और प्रत्येक परिवार से महोत्सव में शामिल होने की अपील की है। उनका कहना है कि सामूहिक सहभागिता से इस जन्माष्टमी को पूर्णिया की अब तक की सबसे भव्य और ऐतिहासिक जन्माष्टमी बनाया जाएगा।
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