पूर्णिया के बायसी थाना क्षेत्र में अवैध विदेशी शराब की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पिकअप बोलेरो से 590.120 लीटर विदेशी शराब बरामद की है। मामले में शराब की खेप ले जा रहे एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ के बाद पुलिस ने दालखोला चेकपोस्ट पर स्कैनर मशीन ऑपरेटर के रूप में कार्यरत रंजन कुमार मांझी को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, उसकी मिलीभगत से शराब लदी गाड़ी को चेकपोस्ट पार कराया गया था। पुलिस के मुताबिक, 8 अगस्त को बायसी थाना पुलिस और सशस्त्र बल द्वारा वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान BR11GD-6759 नंबर की उजले रंग की पिकअप बोलेरो को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी में कुल 590.120 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई। शराब के साथ कटिहार जिले के सदर थाना क्षेत्र निवासी करीब 23 वर्षीय मोहम्मद हुसैन उर्फ लाल को गिरफ्तार किया गया।
स्कैनर ऑपरेटर की भूमिका आई सामने
गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के दौरान दालखोला चेकपोस्ट पर कार्यरत रंजन कुमार मांझी, निवासी छपिया, थाना सहाजितपुर, जिला छपरा (सारण) का नाम सामने आया। पुलिस के अनुसार, रंजन कुमार मांझी पैसे लेकर शराब लदी गाड़ियों को चेकपोस्ट पार कराने में सहयोग करता था। इसी आधार पर पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार किया है।
क्या अकेले ऑपरेटर के भरोसे चल रहा था शराब तस्करी का खेल?
इस कार्रवाई के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या शराब की बड़ी खेप को चेकपोस्ट पार कराने का खेल केवल एक स्कैनर मशीन ऑपरेटर तक सीमित था? स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी तेज है कि यदि लंबे समय से शराब की गाड़ियां चेकपोस्ट पार कर रही थीं तो इसमें अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
हालांकि, बड़े अधिकारियों की संलिप्तता की बात फिलहाल आरोप या आशंका के स्तर पर है और पुलिस की ओर से ऐसी किसी संलिप्तता की पुष्टि नहीं की गई है। यदि जांच में यह सामने आता है कि शराब तस्करी का नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था, तो इसकी जिम्मेदारी तय करने के लिए चेकपोस्ट पर तैनात कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका की भी जांच महत्वपूर्ण होगी।
वर्षों से चल रहे नेटवर्क की जांच जरूरी
590 लीटर से अधिक विदेशी शराब की एक साथ बरामदगी ने चेकपोस्ट की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच का दायरा केवल गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित न रहकर यह पता लगाने तक पहुंचना चाहिए कि शराब की ऐसी कितनी गाड़ियां पहले चेकपोस्ट पार कर चुकी हैं, किसके निर्देश या संरक्षण में यह व्यवस्था चल रही थी और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।
पुलिस ने फिलहाल दोनों गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच शुरू कर दी है। साथ ही शराब तस्करी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने शराब के अलावा एक पिकअप बोलेरो और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
Post a Comment