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‘पप्पू यादव अपनी सीमा में रहें!’ प्रशांत किशोर पर बयान के बाद भड़के पप्पू सिंह, बोले- ‘चुप हैं, कमजोर नहीं’

बिहार की राजनीति में एक बार फिर पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव और जन सुराज के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पर पप्पू यादव के तीखे हमले के बाद अब जन सुराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्णिया के पूर्व सांसद पप्पू सिंह उर्फ उदय सिंह ने पलटवार किया है। दोनों नेताओं के बयानों से पूर्णिया की राजनीति में सियासी तापमान बढ़ गया है।
दरअसल, पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘बहरूपिया’, ‘नटवरलाल’ और ‘एक्सीडेंटल विधायक’ तक कह दिया। पप्पू यादव ने बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की जीत को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि यह जीत विपक्ष की विफलता तथा जनता के आक्रोश का परिणाम है।
पप्पू यादव ने प्रशांत किशोर पर भरत तिवारी मामले को लेकर झूठ बोलने और परिवार का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी की मां और पत्नी ने खुद स्पष्ट किया है कि उन्हें सरकार या किसी राजनीतिक व्यक्ति की ओर से एक भी रुपया नहीं मिला है। पप्पू यादव ने कहा कि प्रशांत किशोर ने इस मामले को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया।
पप्पू यादव ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि “ऐसा परशुराम का वंशज नहीं कर सकता।” उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर प्रशांत किशोर के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराने की बात भी कही।
पप्पू यादव के बयान पर उदय सिंह का पलटवार
पप्पू यादव के बयान पर जन सुराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू सिंह ने वीडियो जारी कर कड़ा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणी और अमर्यादित भाषा की राजनीति स्वीकार नहीं की जाएगी।
पप्पू सिंह ने कहा, “राजनीतिक विरोध करना है तो खुलकर कीजिए, सवाल पूछिए, आलोचना कीजिए और हमारे विचारों से असहमति जताइए। लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणी और अमर्यादित भाषा को राजनीति समझने की भूल मत कीजिए।”
उन्होंने कहा कि पप्पू यादव ने प्रशांत किशोर के लिए जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया है, वह राजनीतिक मर्यादा के अनुरूप नहीं है। उदय सिंह ने कहा कि वह अब तक पप्पू यादव के कई बयानों पर चुप रहे हैं, लेकिन उनकी इस चुप्पी को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए।

सीमा में रहें, नहीं तो मुझे पुराना रास्ता खोलना पड़ेगा’
पप्पू सिंह ने पप्पू यादव को चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि वह अपनी भाषा पर नियंत्रण रखें और राजनीतिक विरोध को व्यक्तिगत हमलों तक न ले जाएं।
उन्होंने कहा कि “मैं उनकी गतिविधियों को देखता रहता हूं, चाहे वह संसद के अंदर हो या बाहर। लेकिन मैं टिप्पणी करने से बचता हूं। मेरी चुप्पी का मतलब यह नहीं है कि मुझे जवाब देना नहीं आता।”
पप्पू सिंह ने कहा कि अगर पप्पू यादव इसी तरह व्यक्तिगत टिप्पणियां करते रहे तो उन्हें भी जवाब देना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जन सुराज के किसी भी नेता, खासकर प्रशांत किशोर को लेकर आपत्तिजनक या व्यक्तिगत टिप्पणी की गई तो पार्टी चुप नहीं बैठेगी।
उन्होंने यहां तक कहा कि पप्पू यादव उन्हें पुराने रास्ते पर लौटने का निमंत्रण दे रहे हैं। उदय सिंह ने कहा कि वह अब तक संयम बरतते रहे हैं, लेकिन यदि उनकी सीमा को लगातार लांघा गया तो उन्हें जवाब देने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

पूर्णिया की समस्याओं पर ध्यान दें पप्पू यादव’
उदय सिंह ने पप्पू यादव पर राजनीतिक तंज कसते हुए कहा कि उन्हें दुनिया भर की राजनीति की ठेकेदारी लेने के बजाय पूर्णिया की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पूर्णिया में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, उद्योग और पलायन जैसे कई गंभीर मुद्दे हैं। इन मुद्दों पर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जनता ने जिस जिम्मेदारी के लिए सांसद चुना है, उस पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए।
उदय सिंह ने कहा, “एक लोकसभा सीट जीतकर चले गए हैं, आगे क्या होगा यह मालूम नहीं है। इसलिए उन्हें अपने काम से काम रखना चाहिए। सारी दुनिया की ठेकेदारी लेने की जरूरत नहीं है।”
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जन सुराज व्यक्तिगत कीचड़ उछालने की राजनीति में उतरना नहीं चाहता, लेकिन पार्टी और उसके नेताओं पर लगातार हमले होंगे तो जवाब देना उसका अधिकार है।
शालीनता को कमजोरी समझने की भूल न करें’

उदय सिंह ने कहा कि जन सुराज ने हमेशा राजनीतिक बहस को मुद्दों और तथ्यों तक सीमित रखने की कोशिश की है। लेकिन इसका यह अर्थ नहीं है कि कोई लगातार बयान देता रहे और पार्टी हर बात को चुपचाप सुनती रहे।
उन्होंने कहा, “हमने अब तक जवाब नहीं दिया, इसका मतलब यह नहीं कि जवाब देना नहीं आता। हमारी शालीनता को कमजोरी समझने की भूल न की जाए। अगर व्यक्तिगत हमलों का सिलसिला जारी रहा तो एक-एक बयान का तथ्य के साथ जवाब जनता के सामने रखा जाएगा।”
उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अब ऐसी राजनीति से ऊब चुकी है, जिसमें विकास और जनता के मुद्दों की जगह नेताओं की व्यक्तिगत बयानबाजी सुर्खियों में रहती है।

बिहार को रोजगार और विकास चाहिए, बयानबाजी नहीं’

उदय सिंह ने कहा कि किसी नेता को गाली देने या उसके खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणी करने से बिहार के युवाओं को रोजगार नहीं मिलेगा। किसानों की आय नहीं बढ़ेगी और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार नहीं होगा।

उन्होंने कहा, “बिहार के युवाओं को रोजगार चाहिए, किसानों को उचित मूल्य चाहिए, गरीबों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा चाहिए और आम लोगों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन चाहिए।”

उन्होंने पप्पू यादव से कहा कि यदि उन्हें जन सुराज और प्रशांत किशोर की राजनीति से असहमति है तो वह नीतियों, आंकड़ों और कार्यक्रमों पर सवाल उठाएं। मुद्दों पर बहस करें, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणी से राजनीतिक विमर्श को नीचे गिराने की कोशिश न करें।

‘जनता तय करेगी कौन मुद्दों की राजनीति कर रहा’

उदय सिंह ने कहा कि अब बिहार की जनता के सामने यह स्पष्ट होना चाहिए कि कौन मुद्दों की राजनीति कर रहा है और कौन सुर्खियां बटोरने के लिए व्यक्तिगत बयानबाजी कर रहा है।

उन्होंने कहा, “जनता सब देख रही है और समय आने पर उसका जवाब भी जनता ही देगी।”

उदय सिंह ने यह भी साफ किया कि जन सुराज किसी व्यक्ति के बयान से डरने वाला नहीं है। पार्टी बिहार के भविष्य से जुड़े मुद्दों को उठाती रहेगी और व्यवस्था की कमियों पर सवाल करती रहेगी।

उन्होंने कहा कि यदि व्यक्तिगत हमले जारी रहे तो जन सुराज भी तथ्यों और राजनीतिक तर्क के साथ जवाब देगा।

अब अगली चाल पप्पू यादव की

पप्पू यादव के प्रशांत किशोर पर हमले और उसके बाद उदय सिंह के कड़े पलटवार ने बिहार की राजनीति में एक नए सियासी टकराव को जन्म दे दिया है। खासकर पूर्णिया की राजनीति में यह विवाद इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि दोनों पक्षों का स्थानीय राजनीतिक प्रभाव रहा है।

अब सवाल यह है कि उदय सिंह के इस सीधे और तीखे पलटवार के बाद पप्पू यादव क्या जवाब देते हैं? क्या विवाद और बढ़ेगा या दोनों पक्ष इसे राजनीतिक बहस तक सीमित रखेंगे, इस पर बिहार की राजनीतिक निगाहें टिकी हैं।

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