बायसी थाना क्षेत्र के मल्हारिया पंचायत अंतर्गत जाबर गांव के वार्ड नंबर-9 में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे में दो चचेरी बहनों की पानी में डूबने से मौत हो गई। दोनों बच्चियां घास काटने के लिए खेत की ओर गई थीं। इसी दौरान पानी से भरे एक गहरे गड्ढे में डूब गईं। हादसे के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है, जबकि मृत बच्चियों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृत बच्चियों की पहचान फरीदा और सगीरा के रूप में हुई है। दोनों की उम्र करीब 14 वर्ष बताई जा रही है। बताया गया कि दोनों चचेरी बहनें रोज की तरह घास काटने के लिए खेत की तरफ गई थीं। इसी दौरान वे पानी से भरे गहरे गड्ढे की चपेट में आ गईं। देखते ही देखते दोनों गहरे पानी में डूब गईं।
एक साल पहले भी इसी जगह हुई थी मौत
ग्रामीणों के अनुसार, जिस स्थान पर यह हादसा हुआ है, वहां करीब एक वर्ष पहले भी पानी में डूबने से एक युवक की मौत हो चुकी है। बताया जा रहा है कि राजू राय के एक पुत्र की भी इसी जगह डूबने से जान चली गई थी। एक साल के भीतर उसी स्थान पर दोबारा दो बच्चियों की मौत से ग्रामीणों में काफी आक्रोश है।
सड़क और पुल की व्यवस्था नहीं होने से बढ़ा खतरा
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में सड़क और पुल की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को आवागमन में काफी परेशानी होती है। बरसात के दिनों में रास्ते के आसपास पानी जमा हो जाने और गहरे गड्ढे बने रहने से खतरा और बढ़ जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि क्षेत्र में बेहतर सड़क और पुल की सुविधा होती तो ऐसी घटनाओं पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती थी।
घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश
दो मासूम बच्चियों की मौत के बाद ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जाबर गांव में सड़क और पुल की समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए। साथ ही, खतरनाक गड्ढों और जलजमाव वाले स्थानों को चिन्हित कर वहां सुरक्षा की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े।
हादसे के बाद पूरे जाबर गांव में शोक की लहर है। दो चचेरी बहनों की एक साथ मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में हर तरफ चीख-पुकार और गम का माहौल है।
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