माता गुजरी यूनिवर्सिटी के ऑडिटोरियम हॉल में आयोजित लैंप लाइटिंग एवं शपथ ग्रहण समारोह में बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। इस दौरान एमजीएम यूनिवर्सिटी के जीएनएम एवं नर्सिंग छात्राओं ने मानव सेवा और अपने पेशे के प्रति कर्तव्यनिष्ठा की शपथ ली।
समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री डॉ. जायसवाल ने बीपीएल परिवारों से आने वाले नर्सिंग विद्यार्थियों के लिए बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता के आधार पर विद्यार्थियों की 25 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तक शैक्षणिक राशि माफ की जाएगी। घोषणा के बाद नर्सिंग छात्राओं में उत्साह का माहौल देखा गया।
मंत्री ने कहा कि मानव सेवा ही सच्ची सेवा है। नर्सिंग महज पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है। अस्पताल में मरीजों के साथ नर्सों का सीधा संपर्क रहता है, इसलिए उनके व्यवहार, सेवा भावना और संवेदनशीलता का विशेष महत्व है। उन्होंने छात्राओं से पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ मरीजों की सेवा करने का आह्वान किया।
उन्होंने एमजीएम यूनिवर्सिटी के नर्सिंग संकाय को क्वालिटी कंट्रोल ऑफ इंडिया द्वारा बिहार में उत्कृष्ट स्थान मिलने पर प्रसन्नता जताई और विद्यार्थियों, शिक्षकों व प्रबंधन को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि संस्थान के साथ पूरे बिहार के लिए गौरव की बात है।
डॉ. जायसवाल ने विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक एवं तकनीकी बदलाव के दौर में विद्यार्थियों को नई तकनीकों का उपयोग कर भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहना चाहिए।
समारोह में एमजीएम यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. पृथ्वीस भट्टाचार्य, फार्मेसी एवं एएचएस के प्राचार्य डॉ. देवेंदु सेल, एमजीएम कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्राचार्या डॉ. एम. चिन्ना देवी, एकेडमिक एडवाइजर डॉ. सुदीप्ता बॉस, डीन एकेडमिक डॉ. सुमेंदु देव राय, मेडिकल सुपरीटेंडेंट पापा नाइक सहित शिक्षक, पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में नर्सिंग छात्राएं मौजूद थीं। डॉ. जायसवाल एमजीएम कॉलेज के निदेशक भी हैं।
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