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सेल्फ स्टडी के दम पर बीपीएससी फतह, ग्रामीण विकास पदाधिकारी बने आदिल



मुरलीगंज नगर पंचायत के वार्ड संख्या-3 काशीपुर निवासी शिक्षक मोहम्मद चांद अली एवं आंगनबाड़ी सेविका अकबरी खातून के बड़े पुत्र मोहम्मद आदिल ने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में सफलता प्राप्त कर ग्रामीण विकास पदाधिकारी (RDO) पद पर चयनित होकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे इलाके में खुशी और गर्व का माहौल है।

आदिल की प्रारंभिक शिक्षा मुरलीगंज स्थित चंद्रमणि मध्य विद्यालय से हुई। इसके बाद उन्होंने बी.एल. हाई स्कूल से माध्यमिक शिक्षा तथा एल.पी.एम. कॉलेज से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने बी.पी. मंडल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, मधेपुरा से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की।

इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद आदिल ने बीपीएससी की तैयारी के लिए पटना का रुख किया। हालांकि सफलता का यह सफर आसान नहीं रहा। पहले और दूसरे प्रयास में असफलता मिलने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करते रहे। आखिरकार तीसरे प्रयास में उन्होंने 70वीं बीपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर ग्रामीण विकास पदाधिकारी के पद पर चयनित होने का गौरव हासिल किया।

सफलता की खबर मिलते ही उनके घर बधाई देने वालों का तांता लग गया। परिजन, रिश्तेदार, मित्र एवं शुभचिंतक उन्हें मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दे रहे हैं। क्षेत्र के लोगों ने भी आदिल की उपलब्धि को युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया है।

अपनी सफलता पर आदिल ने कहा कि यदि ईमानदारी, लगन और धैर्य के साथ मेहनत की जाए तो सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने बताया कि उन्होंने बीपीएससी की तैयारी मुख्य रूप से सेल्फ स्टडी के माध्यम से की और निरंतर प्रयास के बल पर यह मुकाम हासिल किया।

वहीं पिता मोहम्मद चांद अली बेटे की सफलता पर भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं भी 40वीं बीपीएससी परीक्षा दी थी, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी थी। उन्होंने कहा कि आज उनके बेटे ने वह सपना पूरा कर दिखाया है, जिसे वे कभी साकार नहीं कर पाए थे। सीमित संसाधनों के बावजूद आदिल ने कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर परिवार, गांव और जिले का नाम गौरवान्वित किया है। उन्होंने बेटे को भविष्य में यूपीएससी की तैयारी कर और बड़ी उपलब्धियां हासिल करने की शुभकामनाएं दीं।

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