पूर्णिया समाहरणालय स्थित महानंदा सभागार में सोमवार को प्रभारी मंत्री रत्नेश सादा की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने बाढ़ प्रबंधन, बिजली व्यवस्था, नगर निकायों के कार्यों और विभिन्न सरकारी योजनाओं को लेकर प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर कई गंभीर सवाल उठाए।
बैठक में संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की तैयारियों, जल-जीवन-हरियाली अभियान और विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा की गई। इस दौरान पप्पू यादव ने कहा कि नदियों, नहरों और नालों पर बढ़ते अतिक्रमण के कारण जल निकासी व्यवस्था प्रभावित हो रही है, जिससे बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने सरकारी जमीनों की कथित अवैध रजिस्ट्री और अतिक्रमण की जांच की मांग भी की।
सांसद ने फ्लड फाइटिंग और कटाव निरोधी कार्यों पर हर वर्ष खर्च होने वाली बड़ी राशि पर सवाल उठाते हुए कहा कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद बाढ़ और कटाव की समस्या जस की तस बनी हुई है। उन्होंने राहत कार्यों की निगरानी में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की।
बैठक के दौरान उन्होंने खनन, परिवहन और नगर निकायों से जुड़े कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए तथा विभिन्न नगर निगम क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच की मांग की। बिजली व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा कि हल्की बारिश और आंधी के बाद भी कई इलाकों में लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है।
पप्पू यादव ने जल-जीवन-हरियाली अभियान, विश्वकर्मा योजना, आंगनबाड़ी केंद्रों, सोलर परियोजनाओं और सफाई व्यवस्था की स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की। वहीं रजिस्ट्री कार्यालयों में लंबित मामलों, म्यूटेशन और जमाबंदी प्रक्रिया में देरी का मुद्दा उठाते हुए प्रशासनिक पारदर्शिता की आवश्यकता बताई।
सांसद ने स्मार्ट सिटी परियोजना और पूर्णिया बस स्टैंड निर्माण कार्य की धीमी प्रगति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित किए बिना योजनाओं का लाभ आम लोगों तक नहीं पहुंच पाएगा।
बैठक के अंत में प्रभारी मंत्री रत्नेश सादा ने विभिन्न विभागों को प्राप्त शिकायतों और सुझावों पर आवश्यक कार्रवाई करने तथा जनहित से जुड़े मामलों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
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