कटिहार रेल मंडल के किशनगंज जिले के ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन पर बुधवार की अहले सुबह एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। अजमेर से किशनगंज जा रही 15716 गरीब नवाज एक्सप्रेस स्टेशन से खुलते ही तकनीकी खराबी का शिकार हो गई। ट्रेन के इंजन और बोगियों को जोड़ने वाली कपलिंग अचानक खुल गई, जिसके कारण इंजन बोगियों से अलग हो गया। घटना के बाद स्टेशन परिसर और ट्रेन में सवार यात्रियों के बीच कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गरीब नवाज एक्सप्रेस डायवर्ट रूट से संचालित हो रही थी। बुधवार सुबह जैसे ही ट्रेन ठाकुरगंज स्टेशन से रवाना हुई, कुछ दूरी तय करने के बाद इंजन और डिब्बों के बीच लगी कपलिंग खुल गई। अचानक हुई इस घटना से यात्रियों में दहशत फैल गई। हालांकि ट्रेन की गति काफी कम थी, जिसके कारण कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ और सभी यात्री सुरक्षित रहे।
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन हरकत में आ गया। स्थानीय रेलवे अधिकारी, तकनीकी कर्मी और परिचालन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। रेलकर्मियों ने कपलिंग की विस्तृत जांच की और उसे पुनः जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की। इसके बाद ट्रेन के ब्रेकिंग सिस्टम समेत अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच की गई।
रेलवे अधिकारियों ने सुरक्षा मानकों के अनुरूप सभी परीक्षण पूरे होने के बाद ही ट्रेन को आगे की यात्रा के लिए रवाना किया। इस दौरान कुछ समय तक रेल परिचालन भी प्रभावित रहा और यात्रियों को इंतजार करना पड़ा।
जांच के आदेश, तकनीकी खामी पर फोकस
रेलवे सूत्रों के मुताबिक शुरुआती जांच में मामला तकनीकी खराबी से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। हालांकि कपलिंग खुलने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि यह घटना तकनीकी दोष, रखरखाव में कमी या किसी अन्य कारण से हुई।
रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर रेलवे की तकनीकी निगरानी और रखरखाव व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल के वर्षों में रेलवे सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन समय-समय पर सामने आने वाली ऐसी घटनाएं उन दावों की वास्तविक स्थिति पर चर्चा छेड़ देती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कपलिंग खुलने की यह घटना अधिक गति के दौरान हुई होती, तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी और बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता था। सौभाग्य से ट्रेन स्टेशन से निकलते ही कम रफ्तार में थी, जिससे एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल रेलवे प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए घटना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
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