Top News

बंगाल से किशनगंज आ रही 1.40 करोड़ की हेरोइन जब्त: स्कॉर्पियो से 698.5 ग्राम स्मैक बरामद, 3 तस्कर गिरफ्तार


किशनगंज जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत किशनगंज पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए तीन अंतरजिला तस्करों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 698.5 ग्राम हेरोइन (स्मैक), 22,400 रुपये नकद, एक स्कॉर्पियो वाहन और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार जब्त हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1 करोड़ 40 लाख रुपये आंकी गई है।
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) खुसरो शिराज ने सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार को सूचना मिली थी कि 14-15 जून की रात पश्चिम बंगाल से एक तस्कर गिरोह बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ लेकर किशनगंज पहुंचने वाला है। सूचना के बाद एसपी के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया और संभावित मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई।
सोमवार अहले सुबह किशनगंज थाना क्षेत्र के रामपुर चेक पोस्ट पर वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखकर चालक ने वाहन तेज गति से भगाने की कोशिश की, लेकिन पहले से सतर्क विशेष टीम ने घेराबंदी कर वाहन को पकड़ लिया। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में वाहन की तलाशी लेने पर उसमें छिपाकर रखी गई 698.5 ग्राम हेरोइन, 22,400 रुपये नकद, तीन मोबाइल फोन तथा तस्करी में प्रयुक्त स्कॉर्पियो बरामद की गई।

गिरफ्तार तस्करों की पहचान श्याम लाल हरिजन (25 वर्ष), पिता-पंचानंदलाल हरिजन, ग्राम कैरी बीरपुर, थाना विशनपुर, हुसैन आरजू (31 वर्ष), पिता-मेहबूब आलम, ग्राम मैनेजर टोला डोहर, थाना बहादुरगंज एवं मो. आलम उर्फ भोला सिंह (45 वर्ष), वर्तमान निवासी चुड़ीपट्टी, थाना बहादुरगंज सभी जिला किशनगंज के रूप में हुई है। 
पुलिस के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री में संलिप्तता स्वीकार की है। जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य तस्करों, सप्लायरों और खरीददारों की पहचान में जुटी हैं। साथ ही बरामद हेरोइन के स्रोत और इसकी आपूर्ति श्रृंखला की भी जांच की जा रही है।
इस मामले में किशनगंज थाना कांड संख्या 634/26 दर्ज किया गया है। आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 112 तथा एनडीपीएस एक्ट की धारा 8(c), 18(c), 21(c), 29 और 31 के तहत कार्रवाई की जा रही है।
एसडीपीओ खुसरो शिराज ने कहा कि तस्करी से अर्जित अवैध संपत्तियों की पहचान कर उन्हें जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी, ताकि नशे के कारोबार की आर्थिक कमर तोड़ी जा सके।

सीमावर्ती जिलों में बढ़ती चुनौती
किशनगंज, पश्चिम बंगाल और नेपाल सीमा से जुड़े होने के कारण लंबे समय से मादक पदार्थ तस्करों के निशाने पर रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार पश्चिम बंगाल के मालदा जिले का कलियाचक क्षेत्र स्मैक तस्करी का प्रमुख केंद्र माना जाता है, जहां से बिहार के विभिन्न जिलों में नशे की खेप पहुंचाई जाती है। हाल के वर्षों में सीमांचल क्षेत्र में युवाओं के बीच नशे की बढ़ती लत कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है। पुलिस का कहना है कि नशा तस्करों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और इस अवैध कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए व्यापक कार्रवाई की जाएगी।

Post a Comment

Previous Post Next Post