शनिवार देर रात हुई लगातार मूसलाधार बारिश ने क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। बारिश के कारण मानिकपुर-मुरारीगछ मुख्य मार्ग पर स्थित मानिकपुर गांव के समीप एक पुलनुमा कलवर्ट के नीचे की मिट्टी धंस गई, जिससे सड़क संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया है।
ग्रामीणों के अनुसार मानिकपुर-सखुआडाली सड़क पर स्थित करीब 30 वर्ष पुराना यह कलवर्ट गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है। कलवर्ट के दो पायों को नुकसान पहुंचने से इसके ध्वस्त होने का खतरा बढ़ गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने दोनों ओर बैरिकेडिंग कर वाहनों की आवाजाही रोक दी है।
इस मार्ग से जुड़े लगभग 50 हजार की आबादी वाले कई गांवों का संपर्क प्रभावित हो गया है। पुल क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। लोगों में पुल की सुरक्षा और भविष्य को लेकर चिंता व्याप्त है।
सूचना मिलने पर संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का निरीक्षण किया। अधिकारियों के निर्देश पर जेसीबी मशीन लगाकर पुल के नीचे जमा मलबा और कचरा हटाया गया, ताकि पानी का बहाव सामान्य हो सके और दबाव कम किया जा सके।
ग्रामीणों ने प्रशासन से कलवर्ट की तकनीकी जांच कर शीघ्र मरम्मत एवं मजबूतीकरण की मांग की है। उनका कहना है कि यह सड़क क्षेत्र की जीवनरेखा है और इसके बंद होने से शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार तथा दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
आवागमन ठप होने का सबसे बड़ा असर किसानों पर पड़ा है। क्षेत्र में उत्पादित अनानास और केला जैसे फलों को पश्चिम बंगाल के विधाननगर बाजार तक पहुंचाने में भारी परेशानी हो रही है। संपर्क मार्ग बाधित होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है और उन्हें आर्थिक नुकसान की आशंका सता रही है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते मरम्मत और सुरक्षा के पर्याप्त उपाय नहीं किए गए तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। प्रशासन ने लोगों से क्षतिग्रस्त पुल के आसपास अनावश्यक भीड़ नहीं लगाने और सावधानी बरतने की अपील की है।
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