फारबिसगंज में सोमवार को 12488 सीमांचल एक्सप्रेस में परीक्षा देकर लौट रही एक छात्रा के साथ कथित रूप से पैंट्री कर्मियों द्वारा मारपीट किए जाने के बाद भारी बवाल हो गया। घटना से आक्रोशित लोगों ने फारबिसगंज के फुलवरिया हाट के समीप ट्रेन को रोककर विरोध-प्रदर्शन किया, जिसके चलते ट्रेन करीब दो घंटे तक प्रभावित रही। बाद में स्थिति सामान्य होने पर ट्रेन को जोगबनी के लिए रवाना किया गया।
सूचना मिलते ही पुलिस और रेलवे प्रशासन मौके पर पहुंचा। कार्रवाई के दौरान ट्रेन से पैंट्री कार कर्मियों के हेड समेत कुल छह लोगों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के बाद सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों ने आरोप लगाया कि सीमांचल एक्सप्रेस में पैंट्री के लिए अलग कोच नहीं होने के कारण पैंट्री कर्मी जनरल कोचों के दो डिब्बों पर कब्जा कर लेते हैं। यात्रियों से सीट पर बैठने के बदले पैसे मांगने और जबरन खाना खरीदने का दबाव बनाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। विरोध करने पर अभद्र व्यवहार और मारपीट किए जाने के आरोप लगाए गए हैं। इस घटना ने रेलवे में यात्रियों, खासकर महिला यात्रियों और छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने रेल प्रशासन से सीमांचल एक्सप्रेस में कार्यरत कर्मियों की कथित मनमानी और दबंगई पर सख्त कार्रवाई करने तथा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
परीक्षा देकर लौट रही छात्रा से मारपीट, सीमांचल एक्सप्रेस दो घंटे रुकी; 6 पैंट्री कर्मी गिरफ्तार
बिहार,अररिया
सीमांचल एक्सप्रेस में परीक्षा देकर लौट रही एक छात्रा के साथ कथित मारपीट की घटना के बाद सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। आक्रोशित लोगों ने फारबिसगंज के फुलवरिया हाट के समीप 12488 सीमांचल एक्सप्रेस को रोककर विरोध-प्रदर्शन किया, जिससे ट्रेन करीब दो घंटे तक प्रभावित रही।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, छात्रा के साथ पैंट्री कर्मियों द्वारा कथित दुर्व्यवहार और मारपीट की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों में नाराजगी फैल गई। बड़ी संख्या में लोग रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए और ट्रेन को रोककर कार्रवाई की मांग करने लगे।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और रेलवे प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों के हस्तक्षेप और कार्रवाई के आश्वासन के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया। इस दौरान पैंट्री कार के हेड सहित कुल छह कर्मियों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के बाद सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
यात्रियों ने आरोप लगाया कि सीमांचल एक्सप्रेस में पैंट्री के लिए अलग कोच नहीं होने के कारण पैंट्री कर्मी अक्सर जनरल कोचों के डिब्बों पर कब्जा कर लेते हैं। कई यात्रियों ने सीट पर बैठने के बदले पैसे मांगने, जबरन खाना खरीदने का दबाव बनाने और विरोध करने पर अभद्र व्यवहार करने जैसी शिकायतें भी कीं।
घटना के बाद रेलवे में यात्रियों, विशेषकर महिला यात्रियों और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने रेल प्रशासन से दोषी कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई करने, पैंट्री स्टाफ की कार्यशैली की जांच कराने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
विरोध-प्रदर्शन समाप्त होने और स्थिति सामान्य होने के बाद सीमांचल एक्सप्रेस को जोगबनी के लिए रवाना कर दिया गया। रेलवे प्रशासन मामले की जांच में जुटा है।
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