पूर्णिया जिले में निगरानी विभाग ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए के.नगर अंचल कार्यालय के एक राजस्व कर्मचारी को 10 हजार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पूरे प्रखंड कार्यालय में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, बाघमारा मौजा निवासी उमेश महतो ने अपनी पत्नी पुष्पा देवी के नाम पर 4.35 डिसमल जमीन खरीदी थी। जमीन के म्यूटेशन के लिए वह कई महीनों से के.नगर ब्लॉक और अंचल कार्यालय का चक्कर लगा रहे थे। आरोप है कि म्यूटेशन करने के एवज में राजस्व कर्मचारी रूपक कुमार लगातार 15 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था। पैसे नहीं देने पर आवेदन को लंबित रखा गया था।
परेशान होकर उमेश महतो ने निगरानी विभाग से शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद निगरानी की टीम ने मामले की सत्यता की जांच की और आरोप सही पाए जाने पर जाल बिछाया। इसके बाद सीनियर डीएसपी राजेन्द्र प्रसाद के नेतृत्व में निगरानी विभाग की टीम ने के.नगर अंचल कार्यालय में छापेमारी कर राजस्व कर्मचारी रूपक कुमार को 10 हजार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
इधर, राजस्व कर्मचारी की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही के.नगर प्रखंड क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई। स्थानीय लोगों ने कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि प्रखंड और अंचल कार्यालय में भ्रष्टाचार लंबे समय से बड़ा मुद्दा रहा है। लोगों का आरोप है कि संबंधित कर्मचारी के खिलाफ पहले भी कई बार वरीय अधिकारियों से शिकायत की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यहां तक कि हाल के चुनावों में भी भ्रष्टाचार और घूसखोरी बड़ा चुनावी मुद्दा बना था।
हालांकि पूर्णिया में निगरानी विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है और कई अधिकारी-कर्मचारी पकड़े भी जा रहे हैं, लेकिन आम लोगों का मानना है कि अब तक कार्रवाई निचले स्तर के कर्मियों तक ही सीमित रही है। लोगों का कहना है कि जब तक बड़े अधिकारियों और भ्रष्टाचार के पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक व्यवस्था में व्याप्त रिश्वतखोरी पर प्रभावी अंकुश लगाना मुश्किल होगा।
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