पूर्णिया। NEET पेपर लीक मामले में कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर 25 जुलाई को पूर्णिया में हुए छात्र आंदोलन के बाद शहर में हुई हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में के.हाट थाना में बड़ी प्राथमिकी दर्ज की गई है। जिला पशुपालन पदाधिकारी सह दंडाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त सीएमओ आजाद के आवेदन पर दर्ज प्राथमिकी में 28 लोगों को नामजद करते हुए 200 से 250 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने चार लोगों को मौके से गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य की पहचान कर गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
प्राथमिकी के अनुसार, दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे आंदोलन के समर्थन में पूर्णिया में भी भीम आर्मी (भारत एकता मिशन) और आजाद समाज पार्टी के आह्वान पर इंदिरा गांधी स्टेडियम से आर.एन. साह चौक तक छात्र समर्थन मार्च निकाला गया था। मार्च के लिए प्रशासन ने दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती भी की थी।
DM और SSP खुद पहुंचे, छात्रों से की बातचीत
आंदोलन के दौरान पूर्णिया के जिलाधिकारी अंशुल कुमार और एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन स्वयं इंदिरा गांधी स्टेडियम पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने आंदोलनकारियों से बातचीत की और उनके शिष्टमंडल से मांगपत्र प्राप्त किया। प्रशासन ने शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करने की अपील की और भरोसा दिलाया कि मांगपत्र सरकार तक पहुंचाया जाएगा।
बताया गया है कि शुरुआती दौर में प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन बाद में कुछ लोगों ने छात्रों को भड़काया और जुलूस को निर्धारित मार्ग से आगे शहर की ओर ले गए। प्रदर्शनकारी आर.एन. साह चौक तक पहुंचे और वहां से समाहरणालय की ओर बढ़ने लगे।
आर.एन. साह चौक पर बिगड़े हालात
प्राथमिकी में कहा गया है कि आर.एन. साह चौक पहुंचते ही कुछ लोगों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी, सड़क जाम कर दी और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। प्रशासन ने कई बार समझाने का प्रयास किया। जिलाधिकारी और एसएसपी ने स्वयं भी भीड़ से शांतिपूर्ण ढंग से लौटने की अपील की, लेकिन आरोप है कि भीड़ उग्र हो गई और पुलिस पर हमला बोल दिया।
सरकारी संपत्ति को नुकसान, पुलिस पर हमला
एफआईआर के मुताबिक, उग्र भीड़ ने सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए लगाए गए होर्डिंग तोड़ दिए, बैरिकेडिंग क्षतिग्रस्त कर दी, निजी और सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की तथा कई वाहनों पर पथराव किया। सड़क जाम होने से एंबुलेंस भी फंस गई, जिससे गंभीर मरीजों के जीवन पर खतरा उत्पन्न हो गया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों और दंडाधिकारियों पर ईंट-पत्थर, लाठी और डंडों से हमला किया गया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा, जिसके बाद भीड़ तितर-बितर हुई।
कैदी को छुड़ाने की भी कोशिश
प्राथमिकी में एक गंभीर आरोप यह भी लगाया गया है कि इसी दौरान न्यायालय ले जाए जा रहे एक कैदी पर भी उपद्रवियों ने हमला कर उसे छुड़ाने का प्रयास किया। हमले में कैदी को ले जा रहे पुलिसकर्मी भी घायल हुए। चार गिरफ्तार, 28 नामजद और 200-250 अज्ञात आरोपी
घटनास्थल से पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान उनकी पहचान नदीम सरवर, शेख सैफुद्दीन अली, यासिर अराफात और शिवम कुमार गोस्वामी के रूप में हुई। इसके बाद विस्तृत प्राथमिकी दर्ज कर कुल 28 नामजद और 200 से 250 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया।
एफआईआर में नामजद आरोपी
सौरभ राय, मो.साजिद, दिलीप राय, अली खान (स्कूल संचालक), कुमार आदित्य, नदीम सरवर, शेख सैफुद्दीन अली, यासिर अराफात, शिवम कुमार गोस्वामी, डॉ. अल्ताफ, डॉ. सब्बीर, मो. अली, मो. आरजू हक, मो. मोशरफ आलम उर्फ प्रिंस,यजदानी राज, फैजल राज, अजमेर करीम, सद्दाम हुसैन,शेख सद्दाम, मो. इरशाद पुर्नवी, मो. निक्की, मो. चाहत, मो. अकरम रजा, अल्ताफ हुसैन, मो. अली अहमद खां सहित कई नाम है। इसके अलावे पुलिस का कहना है कि घटनास्थल के वीडियो फुटेज, सीसीटीवी और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जिन 200 से 250 अज्ञात लोगों को प्राथमिकी में आरोपी बनाया गया है, उनकी पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिस पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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