नेपाल और सीमांचल क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण उत्पन्न बाढ़ ने जहां आम जनजीवन को प्रभावित किया है, वहीं भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों के सामने भी बड़ी चुनौती खड़ी कर दी। लेकिन विपरीत परिस्थितियों में भी देश की सुरक्षा में तैनात जवानों ने अपने कर्तव्य से पीछे हटने के बजाय साहस और अनुशासन का परिचय दिया। बाढ़ के पानी से चारों ओर से घिर चुकी सीमा चौकी (बीओपी) बक्सरवीटा में फंसे जवानों को सुरक्षित निकालने के लिए सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने एक विशेष राहत एवं बचाव अभियान चलाया, जिसमें सभी जवानों, हथियारों, गोला-बारूद और सरकारी संसाधनों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया।
जानकारी के अनुसार 41वीं वाहिनी एसएसबी के नियंत्रण कक्ष को सूचना मिली कि लगातार बारिश के कारण बीओपी बक्सरवीटा में अचानक बाढ़ का पानी घुस गया है। देखते ही देखते जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा और चौकी पूरी तरह बाढ़ के पानी से घिर गई। चौकी पर तैनात जवानों के साथ-साथ वहां रखे हथियार, गोला-बारूद, संचार उपकरण और अन्य सरकारी संपत्तियां भी खतरे में आ गईं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए द्वितीय-कमान अधिकारी (कार्यवाहक कमांडेंट) एम. ब्रोजेन सिंह ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू करने का निर्देश दिया। इसके बाद क्षेत्रक मुख्यालय एसएसबी रानीडांगा की राहत एवं बचाव टीम (आरआरटी), जो 19वीं वाहिनी एसएसबी के तवालविता शिविर में तैनात थी, को बिना विलंब घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।
उप कमांडेंट (प्रचालन) बिनोद कुमार दास के नेतृत्व तथा सहायक उपनिरीक्षक (सामान्य) सत्यपाल सिंह के मार्गदर्शन में 20 प्रशिक्षित जवानों की टीम बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में पहुंची। उफनते पानी, तेज बहाव और चुनौतीपूर्ण हालात के बीच जवानों ने अत्यंत सावधानी और पेशेवर दक्षता के साथ राहत अभियान शुरू किया। सबसे पहले चौकी में सुरक्षित रखे हथियार, गोला-बारूद और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी भंडार को बाहर निकाला गया। इसके बाद बाढ़ में फंसे 15 जवानों को सुरक्षित रेस्क्यू कर मुख्यालय निंबुगोरी तथा बीओपी लंगराडुबा में स्थानांतरित किया गया।
पूरे अभियान के दौरान जवानों ने जान जोखिम में डालकर अपने साथियों और सरकारी संसाधनों को सुरक्षित बचाया। राहत कार्य क्षेत्रक मुख्यालय एसएसबी रानीडांगा के उप महानिरीक्षक संजय कुमार सारंगी के पर्यवेक्षण तथा 41वीं वाहिनी के कमांडेंट विवेक कुमार की मौजूदगी में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
एसएसबी की इस कार्रवाई ने एक बार फिर दिखा दिया कि सीमा पर तैनात जवान केवल देश की सुरक्षा ही नहीं करते, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं जैसी कठिन परिस्थितियों में भी अद्भुत साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हैं। बाढ़ के पानी में फंसे जवानों का सुरक्षित रेस्क्यू और हथियारों व सरकारी संपत्तियों को बचाने का यह अभियान सुरक्षा बलों की तत्परता और राष्ट्रसेवा के जज्बे का जीवंत उदाहरण बन गया है।
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