पटना। फेयर प्राइस डीलर्स एसोसिएशन के आह्वान पर 2 अक्टूबर को पटना के न्यू दुर्गा मैरेज हॉल, उत्तरी शास्त्री नगर, एजी कॉलोनी में बिहार के जन वितरण विक्रेताओं की अहम बैठक हुई। इसमें राज्य के 38 जिलों के प्रखंड, अनुमंडल व जिला अध्यक्ष-सचिव सहित राज्य प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में विक्रेता शामिल हुए।
बैठक में जन वितरण विक्रेताओं को सरकारी सेवक का दर्जा या मानदेय देने, अनुज्ञप्ति हस्तांतरण की व्यवस्था, अनुकंपा के मामले में उम्र सीमा की बाध्यता समाप्त करने तथा एसएफसी गोदामों में कथित भ्रष्टाचार समेत अन्य मांगों पर चर्चा हुई। संगठन के प्रदेश महामंत्री सह पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ता गौरव लाभ ने कहा कि विक्रेता वर्षों से ईमानदारी से सरकार की योजनाओं को उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान भी जन वितरण विक्रेताओं ने अपनी और परिवार की चिंता किए बिना उपभोक्ताओं तक खाद्यान्न पहुंचाया। इसके बावजूद उनकी मांगों पर अपेक्षित पहल नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार एक माह के भीतर मांगों पर गंभीरता से सकारात्मक पहल नहीं करती है तो नवंबर में संगठन चरणबद्ध आंदोलन करेगा।
गौरव लाभ ने कहा कि आंदोलन के तहत बिहार के करीब 55 हजार विक्रेता और उनके परिवार सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे। विधानसभा के साथ संबंधित मंत्री और मुख्यमंत्री के घेराव की भी चेतावनी दी गई। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष सुधांशु कुमार तिवारी, गंगाधर झा, मनमोहन प्रसाद, इंदिरा सिन्हा, राम बाबू पासवान, अभय कुमार सिन्हा, सहदेव सहज, कमल प्रसाद राय, गोरख प्रसाद, संजीव कुमार, रामप्रवेश सिंह, युगल किशोर भारती, सुरेंद्र प्रसाद, मो. इकबाल, अरविंद पासवान, राजीव कुमार पूर्वे, विश्वजीत सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने विचार रखे।

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