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प्यार पर प्रशासन का पहरा! अंतर्जातीय विवाह के बाद बढ़ा तनाव, अब दोनों पक्षों पर धारा 126 की कार्रवाई

पूर्णिया/सिटी हलचल न्यूज़ 

अंतर्जातीय विवाह के बाद बेटी के जीते-जी पुतला बनाकर अंतिम संस्कार और फिर विधि-विधान से श्राद्ध कर्म किए जाने के बाद सुर्खियों में आया पूर्णिया का चपय गांव अब प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर चर्चा में है। प्रेम विवाह से शुरू हुआ विवाद अब सामाजिक बहस, नेताओं और विभिन्न संगठनों की सक्रियता तथा सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों की बयानबाजी तक पहुंच गया। माहौल में तनाव की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने अब दोनों पक्षों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 के तहत कार्रवाई की है। 

बेटी की शादी से शुरू हुआ विवाद

मामला पूर्णिया के मरंगा थाना क्षेत्र की गंगेली पंचायत के चपय गांव का है। यहां रिया कुमारी ने दूसरी जाति के युवक मिलन कुमार के साथ विवाह किया था। रिपोर्टों के अनुसार, युवती के घर से जाने के बाद परिजनों ने मरंगा थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने युवती को बरामद करने के बाद न्यायालय में उसका बयान दर्ज कराया, जहां उसने अपनी इच्छा से युवक के साथ रहने की बात कही। बेटी के इस फैसले से नाराज परिजनों ने उसका पुतला बनाकर अर्थी निकाली और अंतिम संस्कार की रस्म निभाई। इसके बाद श्राद्ध, पिंडदान, मुंडन और ब्रह्मभोज जैसे कर्मकांड किए जाने की खबरें भी सामने आईं। इस घटना ने पूरे इलाके में तीखी सामाजिक बहस छेड़ दी


एक तरफ माता-पिता के दर्द की बात, दूसरी तरफ बेटी के अधिकार का सवाल

घटना सामने आने के बाद समाज में भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। एक पक्ष माता-पिता के उस दर्द और भावनात्मक स्थिति के समर्थन में खड़ा दिखाई दिया, जिसने बेटी को बचपन से पाल-पोसकर बड़ा किया। वहीं दूसरा पक्ष इस बात को लेकर मुखर हुआ कि बालिग व्यक्ति को अपने जीवनसाथी के चयन का अधिकार है और विवाह का फैसला उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़ा है।इसी बीच विधायक, नेता, समाजसेवी और विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों का चपय पहुंचना शुरू हुआ। मामले ने सोशल मीडिया पर भी जोर पकड़ा और दोनों पक्षों की ओर से लगातार बयान एवं पोस्ट सामने आने लगे। इससे स्थानीय स्तर पर तनाव बढ़ने की आशंका जताई जाने लगी। 

अब प्रशासन ने संभाली कमान

लगातार बढ़ रही बयानबाजी और संभावित तनाव को देखते हुए प्रशासन ने दोनों पक्षों के विरुद्ध BNSS की धारा 126 के तहत कार्रवाई की है। इस कार्रवाई का उद्देश्य किसी पक्ष को समर्थन देना नहीं, बल्कि क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना बताया गया है। यानी जिस विवाद की शुरुआत परिवार और विवाह के फैसले से हुई थी, वह अब कानून-व्यवस्था के दायरे में पहुंच गया है। प्रशासन की कार्रवाई के बाद फिलहाल संदेश साफ है—मामला चाहे परिवार का हो, सामाजिक विवाद का हो या प्रेम विवाह से जुड़ा हो, उससे क्षेत्र की शांति प्रभावित नहीं होने दी जाएगी


आशीष गोस्वामी ने प्रशासन की कार्रवाई का किया सम्मान

विश्व हिंदू युवा वाहिनी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष गोस्वामी ने प्रशासन की कार्रवाई का सम्मान करते हुए कहा कि जिस किसी मामले से समाज में तनाव उत्पन्न होने की आशंका हो, उस पर समय रहते प्रशासन का ध्यान जाना जरूरी है, ताकि स्थिति बिगड़ने से पहले आवश्यक कदम उठाए जा सकें। 

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरे मामले पर लगातार नजर रख रहे थे। उन्होंने खुद भी सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से संयम बरतने की अपील की थी। साथ ही प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और शांति व्यवस्था भंग करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की थी।गोस्वामी ने कहा कि उनका उद्देश्य प्रशासन और सरकार के साथ संवाद एवं समन्वय के जरिए सामाजिक हित में काम करना है। किसी भी सामाजिक विवाद का समाधान कानून के दायरे में और शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए।चपय का यह मामला अब सिर्फ एक प्रेम विवाह या एक परिवार के फैसले तक सीमित नहीं रह गया है। यह परिवार की भावनाओं, सामाजिक सोच, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और कानून-व्यवस्था के बीच खड़े कई सवालों की वजह से चर्चा में है। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सबसे बड़ी चुनौती यही है कि विवाद को आगे बढ़ने से रोका जाए और गांव में शांति बनी रहे। चपय में अब संदेश स्पष्ट है—विचार और विरोध अपनी जगह, लेकिन कानून-व्यवस्था से ऊपर कुछ नहीं।

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