मुरलीगंज /मिथिलेश कुमार
मधेपुरा : प्रखंड अंतर्गत पकिलपार गांव के वार्ड संख्या-1 स्थित बीरबल कुमार ‘वीरू सर’ के कोचिंग सेंटर में शनिवार को शिक्षक दिवस समारोह धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में कोचिंग सेंटर के छात्र-छात्राओं ने गीत, संगीत, नृत्य, भाषण सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। सफल प्रतिभागियों को अतिथियों के हाथों पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम के उद्घाटन के लिए पहुंचे मुख्य अतिथि ग्राम पंचायत के मुखिया एवं मुखिया संघ मुरलीगंज के अध्यक्ष डॉ. आलोक कुमार, सरपंच पंकज कुमार यादव, पंचायत समिति सदस्य सुभाष यादव, पैक्स अध्यक्ष आलोक कुमार, वार्ड सदस्य प्रतिनिधि पवन यादव, ललन राय सहित अन्य अतिथियों का कोचिंग सेंटर के निदेशक बीरबल कुमार ‘वीरू सर’ ने बुके देकर स्वागत किया। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने अतिथियों पर पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया
मुख्य कार्यक्रम स्थल पर अतिथियों की आरती उतारकर तिलक लगाया गया। तत्पश्चात सभी अतिथियों ने संयुक्त रूप से फीता काटकर समारोह का विधिवत उद्घाटन किया। इस दौरान अतिथियों को फूलमाला एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित भी किया गया।सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत गीत से हुई। छात्र-छात्राओं ने भाषण, नृत्य और विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर आधारित संदेशात्मक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। बच्चों ने भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा, दहेज के कारण विवाहिता की हत्या तथा बेटा-बेटी में भेदभाव जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता का संदेश दिया। वहीं, देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों में उत्साह और जोश भर दिया। बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया।कार्यक्रम के दौरान केक काटकर भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं महान दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती मनाई गई और उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया
इसके बाद विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथियों द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।समारोह को संबोधित करते हुए मुखिया डॉ. आलोक कुमार सहित अन्य अतिथियों ने कहा कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्र के एक छोटे से कोचिंग सेंटर में लगातार कई वर्षों से शिक्षक दिवस समारोह का आयोजन किया जाना और बच्चों द्वारा बेहतर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देना सराहनीय है। उन्होंने स्थानीय अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता देने की अपील करते हुए कहा कि खर्चों में थोड़ी कटौती करनी पड़े तो करें, लेकिन अपने बच्चों को जरूर पढ़ाएं। बच्चे शिक्षित होंगे तो वे निश्चित रूप से आगे बढ़ेंगे। शिक्षा से न केवल बच्चों का भविष्य बेहतर होगा, बल्कि समाज, जिला और देश भी तरक्की करेगा।वहीं, कोचिंग सेंटर के निदेशक बीरबल कुमार ‘वीरू सर’ ने कहा कि बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास का अवसर उपलब्ध कराना ही इस आयोजन का उद्देश्य है। शिक्षक दिवस के अवसर पर हर वर्ष इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिसमें छात्र-छात्राओं के साथ स्थानीय अभिभावकों का भी भरपूर सहयोग मिलता है। उन्होंने अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि बच्चों को बेहतर शिक्षा और आगे बढ़ने का अवसर देने के लिए वे हरसंभव प्रयास करते रहेंगे।



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