जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल, पूर्णिया में गुरुवार को जन्माष्टमी के अवसर पर भव्य आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक समारोह का आयोजन किया गया। विद्यालय के ओपेरा हॉल में आयोजित कार्यक्रम में कक्षा छठी से आठवीं तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। समारोह में भारतीय संस्कृति, भक्ति, संगीत, नृत्य और नाट्य कला का आकर्षक संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के उपाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार गुप्ता, निदेशक-प्रधानाचार्या पुलोमा नंदी, उप-प्रधानाचार्य राज कुमार दास, वरिष्ठ शैक्षणिक समन्वयक त्रिवेणी पाण्डेय, मध्य विभाग समन्वयक ऋचा आनंद सहित शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भगवान श्रीकृष्ण को पुष्प अर्पित कर किया। श्रीकृष्ण के जयघोष से पूरा सभागार भक्तिमय हो उठा।
इस अवसर पर निदेशक-प्रधानाचार्या पुलोमा नंदी ने श्रीकृष्ण के जीवन और उनकी शिक्षाओं की वर्तमान समय में प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को सत्य, कर्तव्य, साहस, अनुशासन, धैर्य और सकारात्मक सोच के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।
कक्षा आठवीं के विद्यार्थियों ने भावपूर्ण भक्ति गीत प्रस्तुत कर वातावरण को कृष्णमय बना दिया। वहीं ‘आज के जीवन में श्रीकृष्ण के मूल्य’ विषय पर विद्यार्थियों ने कर्तव्यनिष्ठा, सत्य, नेतृत्व, मित्रता, साहस, धैर्य और कर्म के प्रति समर्पण जैसे जीवन-मूल्यों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
समारोह का मुख्य आकर्षण कक्षा छठी एवं सातवीं के विद्यार्थियों की नृत्य-नाटिका **‘कृष्ण जन्म–दिव्य अवतरण’** रही। इसमें कंस के अत्याचार, देवकी-वसुदेव का संघर्ष, कारागार में श्रीकृष्ण के जन्म और वसुदेव द्वारा बाल कृष्ण को गोकुल पहुंचाने के प्रसंगों को नृत्य, अभिनय, संवाद और संगीत के माध्यम से जीवंत किया गया। आकर्षक वेशभूषा और भावपूर्ण अभिनय ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
कक्षा नौवीं के विद्यार्थियों की ‘मटकी फोड़’ गतिविधि भी समारोह का विशेष आकर्षण रही। विद्यार्थियों ने इसके माध्यम से मनोरंजन के साथ एकता, सहयोग, आपसी विश्वास और टीम भावना का संदेश दिया। इस प्रस्तुति से पूरा सभागार उल्लास से गूंज उठा।
विद्यालय के अध्यक्ष ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए जन्माष्टमी के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से श्रीकृष्ण की शिक्षाओं को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया तथा उत्कृष्ट प्रस्तुतियों के लिए विद्यार्थियों और आयोजन से जुड़े शिक्षकों को बधाई दी।
समापन अवसर पर वरिष्ठ शैक्षणिक समन्वयक त्रिवेणी पाण्डेय ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इसके बाद विद्यार्थियों एवं उपस्थित सदस्यों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। समारोह ने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, संस्कार और जीवन-मूल्यों से जोड़ने का सार्थक संदेश दिया।
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