शहर के हलीम चौक स्थित सेंट जेवियर्स इंग्लिश मीडियम स्कूल में अभिभावकों से विभिन्न मदों में शुल्क वसूले जाने को लेकर जिला जनता दल (यूनाइटेड) ने सवाल उठाए हैं। जदयू जिलाध्यक्ष फैसल अहमद ने जिला पदाधिकारी को आवेदन देकर स्कूल की शुल्क संरचना और अन्य व्यवस्थाओं की जांच कर विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की है।
जदयू जिलाध्यक्ष की ओर से दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि निजी विद्यालयों के संचालन को लेकर शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों के बावजूद स्कूल में पुन: नामांकन समेत विभिन्न मदों में शुल्क लिया जा रहा है। आवेदन में कहा गया है कि निजी विद्यालयों का संचालन लाभ कमाने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि समाज सेवा के सिद्धांत पर किया जाना चाहिए।
10 हजार एडमिशन फीस, 1600 रुपये कन्वेयंस और 1900 रुपये ट्यूशन फीस का दावा
फैसल अहमद ने स्कूल की शुल्क संरचना का उल्लेख करते हुए दावा किया है कि विद्यार्थियों से 10 हजार रुपये एडमिशन फीस, 1600 रुपये प्रतिमाह कन्वेयंस फीस और 1900 रुपये प्रतिमाह ट्यूशन फीस ली जाती है। इसके अलावा परीक्षा, स्थापना, गेम्स, बिजली, मेंटेनेंस, ई-क्लास और लाइब्रेरी समेत कई अन्य मदों में भी शुल्क लिए जाने का आरोप लगाया गया है।
2234 विद्यार्थियों से बिजली शुल्क का मामला उठाया
आवेदन में स्कूल में नामांकित 2234 विद्यार्थियों से प्रति छात्र सालाना 700 रुपये बिजली शुल्क लिए जाने का भी उल्लेख किया गया है। जदयू जिलाध्यक्ष का दावा है कि इस हिसाब से करीब 15.63 लाख रुपये बिजली शुल्क के रूप में वसूले जा रहे हैं।
वहीं, आवेदन में वित्तीय वर्ष 2025-26 में विद्यालय द्वारा 68,717 रुपये का वार्षिक विद्युत भुगतान किए जाने का उल्लेख किया गया है। जदयू ने दोनों राशियों के बीच करीब 14.95 लाख रुपये के अंतर पर सवाल उठाते हुए संबंधित बिजली बिल की प्रति आवेदन के साथ संलग्न किए जाने की बात कही है।
पुस्तकालय और किताबों की खरीद को लेकर भी आरोप
आवेदन में स्कूल की अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी कई आरोप लगाए गए हैं। जदयू जिलाध्यक्ष का आरोप है कि अभिभावकों से अप्रैल महीने में निजी पुस्तकालय के नाम पर शुल्क लिया जाता है। साथ ही स्कूल से ही पुस्तकें खरीदने के लिए अभिभावकों को बाध्य किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
बस और कक्षाओं की क्षमता पर भी सवाल
परिवहन व्यवस्था को लेकर आवेदन में आरोप लगाया गया है कि एक बस में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को ले जाया जाता है। इसके अलावा कक्षाओं में भी निर्धारित क्षमता से अधिक विद्यार्थियों को बैठाए जाने का दावा किया गया है।
जदयू जिलाध्यक्ष फैसल अहमद ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई करने की मांग की है।
हालांकि, लगाए गए आरोपों पर स्कूल प्रबंधन का पक्ष इस आवेदन में सामने नहीं आया है। प्रशासनिक जांच के बाद ही शुल्क वसूली और अन्य आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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