मुरलीगंज प्रखंड के रतनपट्टी गांव होकर मीरगंज-मुरलीगंज को जोड़ने वाली लिंक रोड पर बैंगा नदी पुल निर्माण के लिए बनाए गए डायवर्जन पर सोमवार देर रात रंग और पुट्टी से लदा एक 18 चक्का ट्रक धंस गया। ट्रक सड़क किनारे गड्ढे में एक ओर झुक गया, जिससे उसके पलटने का खतरा उत्पन्न हो गया। घटना के बाद इस मार्ग पर छोटे-बड़े सभी वाहनों का परिचालन पूरी तरह ठप हो गया और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, मुरलीगंज-बिहारीगंज मुख्य मार्ग से रतनपट्टी होकर मधेपुरा जाने वाली लिंक रोड पर बैंगा नदी पुल निर्माण कार्य चल रहा है। पुराने पुल को तोड़कर बनाए गए अस्थायी डायवर्जन की ऊंचाई और चौड़ाई कम होने के साथ-साथ उसमें केवल बालू और कच्ची मिट्टी भरी गई है। इसी कारण सोमवार की मध्य रात्रि मधेपुरा से मुरलीगंज की ओर आ रहा भारी ट्रक डायवर्जन पर धंस गया और सड़क किनारे गड्ढे में फंस गया।
गौरतलब है कि मीरगंज रेलवे ढाला पर रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। निर्माण कार्य के कारण रेलवे ढाला के पास मुख्य सड़क पर बैरिकेडिंग कर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई है। ऐसे में मधेपुरा, मुरलीगंज और बिहारीगंज के बीच आवागमन के लिए रतनपट्टी वाला यही डायवर्जन एकमात्र वैकल्पिक मार्ग बचा था। ट्रक के फंसने से इस मार्ग पर भी आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया।
स्थानीय ग्रामीणों ने संवेदक पर निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि पुराने पुल को तोड़ने से पहले बनाए गए डायवर्जन को मजबूत करने के बजाय उसमें केवल बालू और कच्ची मिट्टी भर दी गई, जिससे आए दिन भारी वाहन धंस रहे हैं। हाल ही में खराब डायवर्जन और मानकों की अनदेखी को लेकर ग्रामीणों ने विरोध-प्रदर्शन भी किया था। उस समय संवेदक ने ईंट सोलिंग बिछाकर रास्ता दुरुस्त करने का आश्वासन दिया था, लेकिन पर्याप्त व्यवस्था किए बिना ही भारी वाहनों का परिचालन जारी रहा।
फिलहाल मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद हैं। फंसे ट्रक को निकालने और मार्ग पर आवागमन बहाल करने का प्रयास जारी है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से डायवर्जन को तत्काल सुरक्षित और मजबूत बनाने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
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