टेढ़ागाछ प्रखंड के चिल्हनियां पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या-11 स्थित कोठीटोला देवरी गांव के समीप बुधवार को रेतुआ नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे कटाव तेज हो गया। कटाव बढ़ने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया। लोगों को आशंका थी कि यदि समय रहते कटावरोधी कार्य नहीं कराया जाता तो कई घरों और कृषि भूमि को नुकसान पहुंच सकता था।
स्थिति को देखते हुए जल निस्सरण विभाग ने कटावरोधी कार्य के तहत नदी किनारे बांस पाइलिंग शुरू कर दी है। विभाग की इस पहल से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
स्थानीय ग्रामीण राधा देवी, आशा देवी, शंभू पासवान, चमन लाल माझी, भगला पासवान और बौना पासवान सहित अन्य लोगों ने जल निस्सरण विभाग के अधिकारियों एवं जिला पदाधिकारी नवीन कुमार के प्रति आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन ने उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए समय पर कार्रवाई की।
ग्रामीणों ने मांग की कि रेतुआ नदी के संवेदनशील तटों पर स्थायी कटावरोधी कार्य कराया जाए। उनका कहना है कि हर वर्ष बरसात के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने से कटाव की समस्या गंभीर हो जाती है, जिससे गांव और कृषि भूमि पर खतरा बना रहता है।
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