भारत-नेपाल जोगबनी सीमा से सटे नेपाल रानी बैरियर संख्या-1 पर सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर कड़ी कर दी गई है। विराटनगर से जुड़े इस अंतरराष्ट्रीय प्रवेश द्वार पर नेपाल के सशस्त्र प्रहरी बल (एपीएफ) की बॉर्डर इंटेलिजेंस टीम (बीआईटी) द्वारा आने-जाने वाले लोगों और वाहनों की सघन जांच की जा रही है।
बढ़ी हुई सुरक्षा के कारण सीमा पार आवाजाही में पहले की तुलना में कमी देखी जा रही है। सीमा पर हर यात्री के पहचान पत्र, आवश्यक दस्तावेज और सामान की बारीकी से जांच की जा रही है। संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता बरत रही हैं।
जानकारी के अनुसार, सीमा क्षेत्र में तस्करी, अवांछित गतिविधियों और कानून-व्यवस्था से जुड़ी किसी भी संभावित घटना को रोकने के उद्देश्य से जांच अभियान तेज किया गया है। इसी वजह से सीमा पार करने वाले यात्रियों को पहले की अपेक्षा अधिक समय लग रहा है।
यात्रियों का कहना है कि जांच प्रक्रिया पूरी तरह व्यवस्थित है, हालांकि कड़ी जांच के कारण आवाजाही की रफ्तार धीमी हो गई है। अधिकांश लोगों ने इसे सुरक्षा के दृष्टिकोण से आवश्यक कदम बताया।
वहीं, सीमा क्षेत्र के व्यापारियों का कहना है कि सख्त जांच के कारण खरीदारी और छोटे कारोबार के लिए आने-जाने वाले लोगों की संख्या में कमी आई है। इसका असर जोगबनी और विराटनगर के सीमावर्ती बाजारों की सामान्य गतिविधियों पर भी दिखाई देने लगा है।
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