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भोजपुर में ‘लाइव ड्रामा’ का दर्दनाक अंत! पुलिस मुठभेड़ में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत, एनकाउंटर पर उठे बड़े सवाल

भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस और एक युवक के बीच हुई हाई-वोल्टेज मुठभेड़ का अंत मौत के साथ हुआ। पुलिस पर पिस्टल तानने और लगातार सोशल मीडिया पर लाइव आने वाले युवक भरत भूषण तिवारी की पटना पीएमसीएच में इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है, वहीं इस एनकाउंटर को लेकर राजनीतिक सवाल भी उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, भरत भूषण तिवारी पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर लगातार वीडियो और लाइव प्रसारण कर रहा था। उसका कहना है कि बिहार का पूरा सिस्टम भ्रष्ट हैं, वह इसे सुधारना चाहता है।वायरल वीडियो में वह एक अर्धनिर्मित मकान में खटिया पर पिस्टल लेकर लेटा दिखाई दे रहा था। वीडियो में शाहपुर थानाध्यक्ष उसके बगल में बैठकर उसे समझाने की कोशिश करते नजर आ रहे थे, जबकि उसकी मां भी वहां मौजूद थीं।
बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान जैसे ही हथियारबंद पुलिसकर्मी उसकी ओर बढ़े, युवक अचानक उग्र हो गया और पुलिसकर्मियों पर पिस्टल तान दी। उसने गोली मारने की धमकी भी दी। हालांकि उस समय पुलिस और परिजनों के प्रयास से मामला शांत हो गया था।

पुलिस को दौड़ाया, फेसबुक पर करता रहा लाइव

पुलिस के अनुसार, मंगलवार की घटना के बाद भरत तिवारी को हिरासत में लेने की कोशिश जारी थी। बुधवार सुबह पुलिस फिर बिलौटी गांव पहुंची। आरोप है कि इस दौरान युवक हाथ में पिस्टल लेकर पुलिस के पीछे दौड़ने लगा, गाली-गलौज की और गोली मारने की धमकियां देने लगा।

घटना के दौरान वह फेसबुक पर लाइव भी था। वायरल वीडियो में युवक बार-बार यह कहते हुए सुनाई दे रहा है कि पुलिस उस पर गोली चला रही है। वहीं पुलिस अधिकारियों द्वारा समझाने के बाद उसने जमीन पर पिस्टल फेंक दी थी। लाइव वीडियो में उसने यह भी कहा था कि अगर उसके साथ कोई छल हुआ तो "फिर युद्ध होगा।"
कुछ ही देर बाद हुई मुठभेड़
पुलिस का दावा है कि बाद में युवक और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई। भोजपुर एसपी मिस्टर राज के अनुसार, भरत तिवारी मानसिक रूप से परेशान था और उसने पुलिसकर्मियों सहित अन्य जगहों पर दो दर्जन से अधिक फायरिंग की थी।

एसपी के मुताबिक, मुठभेड़ के दौरान युवक ने पुलिस पर गोली चलाई, जिसके जवाब में पुलिस ने तीन राउंड फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में दो गोलियां युवक के दोनों पैरों में लगीं और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे पहले शाहपुर रेफरल अस्पताल और फिर आरा सदर अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर पीएमसीएच पटना रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल से एक पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, एक मैगजीन और दो खोखा बरामद करने का दावा किया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

एनकाउंटर पर उठे गंभीर सवाल

इस घटना के बाद राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। पूर्व विधायक राहुल तिवारी ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जब पुलिस स्वयं युवक को मानसिक रूप से विक्षिप्त बता रही थी, तो उसका एनकाउंटर करने की क्या जरूरत थी? उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने अपनी उपलब्धि दिखाने और वाहवाही लेने के लिए युवक को मार दिया। साथ ही बिहार में कथित फर्जी एनकाउंटर की घटनाओं की निष्पक्ष जांच की मांग भी की।

कई सवालों के जवाब तलाश रही जनता

भरत भूषण तिवारी की मौत के बाद अब कई सवाल खड़े हो गए हैं। यदि युवक मानसिक रूप से अस्थिर था तो क्या उसे काबू करने के लिए अन्य विकल्प अपनाए जा सकते थे? क्या पुलिस की जवाबी कार्रवाई परिस्थितियों के अनुरूप थी? और आखिर मुठभेड़ से ठीक पहले हुए फेसबुक लाइव की पूरी सच्चाई क्या है?
इन सवालों के जवाब अब पुलिस जांच और संभावित उच्चस्तरीय पड़ताल के बाद ही सामने आ सकेंगे। फिलहाल भोजपुर का बिलौटी गांव इस पूरे घटनाक्रम के बाद चर्चा और विवाद का केंद्र बना हुआ है।

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