बिहार के मधुबनी जिले से मंगलवार को एक ऐसी घटना सामने आई जिसने पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया। बेनीपट्टी थाना क्षेत्र के अधवारी गांव में जमीन विवाद को लेकर कोर्ट के आदेश पर दखल-दिहानी (कब्जा दिलाने) कराने पहुंची पुलिस और प्रशासनिक टीम के सामने ही एक बुजुर्ग व्यक्ति ने अपने शरीर पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली। देखते ही देखते वह आग की लपटों में घिर गया और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद हालात इतने बिगड़ गए कि गुस्साई भीड़ ने प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को घेर लिया और पूरा इलाका रणक्षेत्र में तब्दील हो गया।
जानकारी के अनुसार, अधवारी गांव में वर्षों से जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद चल रहा है। एक पक्ष राजेंद्र ठाकुर का है, जबकि दूसरे पक्ष में महेंद्र यादव हैं। पीड़ित परिवार का दावा है कि विवादित जमीन को लेकर उन्हें पूर्व में दो बार कोर्ट से डिक्री (फैसला) मिल चुका था। हालांकि हाल ही में अदालत द्वारा महेंद्र यादव के पक्ष में आदेश दिए जाने के बाद प्रशासन को जमीन पर कब्जा दिलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
मंगलवार 16 जून 2026 को इसी आदेश के अनुपालन में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम अधवारी गांव पहुंची थी। प्रशासनिक कार्रवाई शुरू होते ही राजेंद्र ठाकुर ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विरोध के दौरान उन्होंने अपने शरीर पर ज्वलनशील पदार्थ छिड़क लिया और देखते ही देखते खुद को आग के हवाले कर दिया। कुछ ही सेकंड में उनके शरीर से आग की ऊंची लपटें उठने लगीं। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोग स्तब्ध रह गए।
राजेंद्र ठाकुर को जलता देख परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। देखते ही देखते सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई और प्रशासनिक टीम के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई। स्थिति तब और बिगड़ गई जब उग्र भीड़ ने अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को घेर लिया। सूत्रों के मुताबिक, कई अधिकारियों को दौड़ा दौड़ा कर पीटा गया। हालात बेकाबू होते देख प्रशासनिक टीम को पीछे हटना पड़ा और अधिकारियों ने किसी तरह मौके से निकलकर अपनी जान बचाई।
उधर, आग से गंभीर रूप से झुलसे राजेंद्र ठाकुर को तत्काल स्थानीय लोगों की मदद से जिरौल के एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेनीपट्टी अनुमंडल अस्पताल रेफर किया गया। चिकित्सकों ने बताया कि शरीर का बड़ा हिस्सा झुलस गया है और उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। बेहतर इलाज के लिए उन्हें उच्च स्तरीय चिकित्सा केंद्र भेजा गया है।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। हालात को नियंत्रित करने के लिए बेनीपट्टी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (डीएसपी) अमित कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) शारंग पानी पांडेय, सर्किल इंस्पेक्टर तथा बड़ी संख्या में पुलिस बल के जवान मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और गांव में अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती की गई।
फिलहाल अधवारी गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए आसपास के कई थानों की पुलिस को गांव में कैंप कराया गया है। पुलिस प्रशासन भीड़ द्वारा किए गए हंगामे, अधिकारियों के साथ कथित धक्का-मुक्की और पूरे घटनाक्रम की जांच में जुट गया है। साथ ही वीडियो फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।
इस घटना ने जमीन विवादों के निपटारे की प्रक्रिया, प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते तनाव को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पूरे जिले की नजर इस मामले पर टिकी हुई है और सभी को राजेंद्र ठाकुर की स्वास्थ्य स्थिति तथा प्रशासनिक जांच की रिपोर्ट का इंतजार है।
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