Top News

पूर्णिया एयरपोर्ट के विकास में देरी पर उठे सवाल, उच्च स्तरीय बैठक की मांग


 पूर्णिया एयरपोर्ट के समग्र विकास एवं लंबित परियोजनाओं में तेजी लाने की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता एवं आरटीआई एक्टिविस्ट विजय कुमार श्रीवास्तव ने भारत सरकार के नागरिक उड्डयन सचिव को विस्तृत ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में पूर्णिया एयरपोर्ट से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर चिंता व्यक्त करते हुए उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित करने की मांग की गई है।

ज्ञापन में कहा गया है कि उड़ान योजना के तहत संचालित पूर्णिया एयरपोर्ट का महत्व लगातार बढ़ रहा है, लेकिन स्थायी टर्मिनल भवन निर्माण, टैक्सीवे एवं एप्रन निर्माण, एयर कार्गो सेवा शुरू करने और नए गंतव्यों के लिए उड़ान सेवाओं के विस्तार जैसे महत्वपूर्ण कार्य अब भी अधूरे हैं। विजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि उन्होंने इन विषयों पर एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) से कई बार सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगी, लेकिन अधिकांश मामलों में केवल सामान्य और अस्पष्ट जवाब ही प्राप्त हुए।

उन्होंने आरोप लगाया कि स्थायी टर्मिनल भवन के निर्माण को लेकर महीनों से "प्लानिंग स्टेज" का हवाला दिया जा रहा है, जबकि निविदा जारी होने की दिशा में कोई ठोस प्रगति दिखाई नहीं दे रही है। वहीं, एप्रन निर्माण कार्य को लेकर भी बार-बार तीन माह में पूरा होने का दावा किया गया, लेकिन निर्धारित अवधि बीतने के बाद भी कार्य पूर्ण नहीं हो सका है।

ज्ञापन में पूर्णिया एयरपोर्ट पर एयर कार्गो सेवा शुरू करने, चेन्नई, मुंबई, बेंगलुरु, गुवाहाटी और रांची जैसे शहरों के लिए उड़ान सेवाएं प्रारंभ करने तथा एयरपोर्ट के सिविल एन्क्लेव को राष्ट्रीय राजमार्ग-31 से जोड़ने वाली प्रस्तावित फोरलेन सड़क परियोजना की स्थिति स्पष्ट करने की भी मांग की गई है।

विजय कुमार श्रीवास्तव ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय, एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया, बिहार सरकार और जिला प्रशासन के अधिकारियों की संयुक्त उच्च स्तरीय बैठक बुलाकर सभी लंबित मामलों की समीक्षा करने तथा समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।

इस ज्ञापन की प्रतिलिपि बिहार के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, नागरिक उड्डयन मंत्री, मुख्य सचिव, एएआई अध्यक्ष, प्रमंडलीय आयुक्त, जिला पदाधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है।

Post a Comment

Previous Post Next Post