पूर्व मध्य रेलवे, समस्तीपुर मंडल की संसदीय मंडल समिति की बैठक में पूर्णिया सांसद पप्पू ने कोसी और सीमांचल क्षेत्र की रेल समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि क्षेत्र के लाखों यात्री आज भी बेहतर रेल कनेक्टिविटी और बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पटना के महेंद्रू घाट में आयोजित बैठक में उन्होंने रेलवे अधिकारियों के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं और क्षेत्र की उपेक्षा पर चिंता जताई।
पप्पू यादव ने मांग की कि हाटे बाजार एक्सप्रेस को सप्ताह के सातों दिन संचालित किया जाए और पटना से पूर्णिया के लिए रात्रिकालीन ट्रेन सेवा शुरू की जाए, ताकि यात्रियों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि सीमांचल और कोसी क्षेत्र के लोगों को राजधानी पटना आने-जाने में आज भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बैठक में सांसद ने एमएमयू सेवा के विस्तार, कुशेश्वर स्थान–सिंहेश्वर स्थान रेल परियोजना तथा कुर्सेला–बिहारीगंज रेल लाइन परियोजना की टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग भी रखी। साथ ही उन्होंने दिल्ली के लिए वंदे भारत ट्रेन और रांची के लिए नई रेल सेवा शुरू करने का मुद्दा भी जोरदार ढंग से उठाया।
छात्रों की समस्याओं का जिक्र करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि कोसी क्षेत्र से बड़ी संख्या में छात्र कोटा और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के लिए जाते हैं, लेकिन सीधी और सुविधाजनक रेल सेवा के अभाव में उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ती है। ऐसे छात्रों के लिए विशेष रेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
यात्रियों की सुरक्षा और महिलाओं की सुविधाओं पर भी जोर
सांसद ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने मधेपुरा–बनमनखी रेलखंड पर हुई घटना की जांच, स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, महिलाओं के लिए अलग शौचालय और महिला प्रतीक्षालय की व्यवस्था करने तथा जनरल डिब्बों की संख्या बढ़ाने की मांग की। उन्होंने धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए देवघर, सिंहेश्वर स्थान, कुशेश्वर स्थान और गरीब स्थान जैसे प्रमुख धार्मिक केंद्रों को जोड़कर शिव कॉरिडोर की तर्ज पर रेल नेटवर्क विकसित करने का सुझाव भी दिया।
बैठक में पप्पू यादव ने कहा कि पूर्णिया कोर्ट, पूर्णिया जंक्शन, जानकीनगर, बनमनखी सहित सीमांचल के कई स्टेशन वर्षों से उपेक्षा का शिकार हैं। इन स्टेशनों से लंबी दूरी की ट्रेनों की संख्या बेहद कम है और कई प्रमुख शहरों के लिए सीधी रेल कनेक्टिविटी उपलब्ध नहीं है। इससे क्षेत्र के लोगों को दूसरे जिलों और जंक्शनों पर निर्भर रहना पड़ता है।
सांसद ने कहा कि कोसी-सीमांचल के विकास के लिए मजबूत रेल नेटवर्क बेहद जरूरी है और वह हर मंच पर क्षेत्र की जनता की आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि रेलवे प्रशासन इन मांगों पर गंभीरता से विचार करेगा और क्षेत्र के करोड़ों लोगों को बेहतर रेल सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कदम उठाएगा।
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