बैसा प्रखंड के हरिया गांव वार्ड संख्या-5 में कनकई नदी किनारे करीब 40 लाख रुपये की लागत से कराया गया कटाव निरोधी कार्य पहली ही बाढ़ में कई जगहों से ध्वस्त होकर नदी में बह गया। निर्माण पूरा होने के महज दो महीने के भीतर ही सुरक्षा कार्य के टूट जाने से विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण विभाग द्वारा घटिया निर्माण सामग्री और लापरवाही के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
ग्रामीणों के अनुसार, मानसून में नदी का जलस्तर बढ़ते ही कटाव निरोधी संरचना कई हिस्सों से क्षतिग्रस्त होकर कनकई नदी में समा गई। इससे नदी का कटाव तेज हो गया है और अब पानी गांव की ओर बढ़ रहा है। स्थिति ऐसी है कि हरिया गांव के करीब 100 घर कटाव की जद में आने के खतरे से जूझ रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण कार्य के दौरान भी गुणवत्ता को लेकर विरोध किया गया था। उस समय विभागीय अभियंताओं ने एस्टीमेट के अनुरूप कार्य होने का दावा किया था, लेकिन पहली ही बाढ़ में निर्माण ध्वस्त होने से ग्रामीणों की आशंकाएं सही साबित होती दिख रही हैं।
कटाव की बढ़ती रफ्तार से गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषियों पर कार्रवाई करने तथा तत्काल दोबारा मजबूत कटाव निरोधी कार्य कराने की मांग की है।
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