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मृत मानकर जिस भाई का किया अंतिम संस्कार, वह निकला जिंदा, आखिर मरने वाला कौन था?

जिले के सदर थाना क्षेत्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक को मृत मानकर परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया, लेकिन बाद में वह युवक जिंदा मिल गया। घटना के बाद पुलिस और अस्पताल की पहचान प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार सदर थाना क्षेत्र के मोतीबाग निवासी अमर चौहान को मृत समझकर परिजनों ने बीते शुक्रवार को सनातन रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार कर दिया था। दरअसल शुक्रवार देर रात खगड़ा तीन नंबर रेलवे फाटक के समीप वंदे भारत ट्रेन से कटकर एक युवक की मौत हो गई थी। स्थानीय लोगों द्वारा परिजनों को सूचना दी गई कि मृत युवक अमर चौहान है।

सूचना मिलने के बाद परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां पोस्टमार्टम के उपरांत शव उन्हें सौंप दिया गया। परिजनों का आरोप है कि शव को पूरी तरह खोलकर नहीं दिखाया गया और अस्पताल कर्मियों द्वारा उसे अमर चौहान का शव बताया गया। इसके बाद परिजन शव को घर ले गए और अंतिम संस्कार कर दिया।
इसी बीच अंतिम संस्कार के बाद परिजनों को एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने बताया कि अमर चौहान जिंदा है और पश्चिम बंगाल के पंजी पाड़ा इलाके में मौजूद है। सूचना मिलते ही परिजन वहां पहुंचे और अमर चौहान को सकुशल घर वापस ले आए। युवक के जिंदा मिलने से परिवार में खुशी का माहौल है, वहीं क्षेत्र में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जिसका अंतिम संस्कार किया गया, वह युवक आखिर कौन था और बिना सही पहचान के शव परिजनों को कैसे सौंप दिया गया। मामले को लेकर पुलिस जांच में जुट गई है।

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