कटिहार/आकिल जावेद
एक तरफ सरकार मनरेगा के तहत पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण और किसानों की आय बढ़ाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में गौशाला को प्रोत्साहन दे रही है। लेकिन वहीं कटिहार जिले के बलरामपुर प्रखंड में मनरेगा विभाग के रवैये से लोग हत्सोहित हैं।दरअसल, मामला प्रखंड क्षेत्र के शरीफनगर पंचायत के वार्ड नंबर- 5 का है
जहां वृक्षारोपण और गौशाला के लाभुकों का आरोप है कि उन्होंने 2020-21 वित्तीय वर्ष में काम किया था, लेकिन विभाग पेमेंट के लिए आनाकानी कर रही है। लाभुक सुखी हेमब्रम,महज़बी खातुन, साहिना खातुन, गुलबरी खातुन, भिकरा जाली समेत कुल 10 लाभुकों ने सिटी हलचल न्यूज़ से कहा कि हम 3 सालों से मनरेगा कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं
लेकिन कोई हमारी बात नहीं सुन रहा है। हमें विभाग से पेमेंट के लिए सिर्फ तारीख पे तारीख ही मिलती है।वहीं लाभुकों ने मनरेगा विभाग के आपरेटर उबेदउर्रहमान पर आरोप लगाते हुए कहा कि आपरेटर प्रत्येक वनपोषक से 500 रूपये की वसूली करता है।इस संबंध में हमने कार्यक्रम पदाधिकारी से बात की तो उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी मुझे अभी नहीं है।



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